शहर में ‘दीपावली’ मनाने आ रहा है भूमाफिया मद्दा, अपना ‘दीपक’ जलाने के लिए कहीं निकाल न ले जाए आपके दीये का तेल

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इंदौर। कुख्यात भूमाफिया दीपक जैन मद्दा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। जेल से बाहर आते ही वह इस दीपावली फिर से अपना दीपक जलाने की कोशिश करेगा। ऐसे में आम जनता से लेकर पुलिस-प्रशासन तक को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि दीपक जैसा मास्टरमाइंड चुप बैठ ही नहीं सकता। इसलिए उसकी बातों की जादूगरी में न आएं, क्योंकि मद्दा में आपके दीये से तेल निकालने का माद्दा है।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने दिलीप सिसोदिया उर्फ दीपक जैन मद्दा व अन्य के विरूद्ध सोसायटी की भूमि की खरीद फरोख्त में शामिल होने पर प्रकरण पंजीबद्ध किया था। मद्दा को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया था। इसने हाईकोर्ट इंदौर में जमानत याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने उसे निरस्त कर दिया था। इसके बाद मद्दा की जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी पेश की गई। इसमें सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा एवं गोपाल शंकर नारायण द्वारा अपने तर्क सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए। सुनवाई उपरांत सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिलीप सिसोदिया को आज जमानत देने का आदेश पारित किया है। इस मामले में सीनियर एडवोकेट्स को योगेश हेमनानी, अधिवक्ता, इंदौर द्वारा असिस्ट किया गया। हाई कोर्ट में भी योगेश हेमनानी द्वारा इस प्रकरण में पैरवी की गई थी।
जय सिंह जैन ने और बढ़ाए हौसले
सूत्र बताते हैं कि पिछले काफी समय से खुद को पुलिस-प्रशासन का सबसे बड़ा लाइजनर बताने वाले जय सिंह जैन, दीपक जैन मद्दा के साथ है। यह वही जैन है जिसने चिराग शाह को जेल जाने से बचाने की सुपारी ले रखी थी। कई मामलों में उसे बचाया भी। कहा जाता है कि जब पिछले साल मथुरा से जब दीपक मद्दा को गिरफ्तार किया गया था, वहां चिराग शाह भी था लेकिन जयसिंह जैन की जादूगरी के कारण वह बच निकला। जैन ने ही मद्दा का होसला और बढ़ाया है।
पुलिस-प्रशासन अब रखे नजर
जेल से बाहर आने के बाद मद्दा जयसिंह जैन के साथ मिलकर कोई बड़ा खेल कर सकता है। सुरेंद्र संघवी के निधन के बाद से अब पूरा मैदान साफ है। अधिकांश भूमाफियों को चूना लगा चुका मद्दा अब अपनी फितरत से बाज नहीं आएगा। अब नए पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर को भी उस पर नजर रखनी चाहिए। नहीं तो फिर वही घोटालों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। फिर एफआईआर, फिर जांच-पड़ताल, जेल और जमानत चलता ही रहेगा। इसलिए आम जनता के साथ ही पुलिस-प्रशासन की सतर्कता भी जरूरी है, क्योंकि जेल से निकलने के बाद मद्दा का कान्फिडेंस और बढ़ जाएगा। अगर उसके सहयोगी दलाल सक्रिय हो गए तो वह फिर करोड़ों का घोटाला करने से बाज नहीं आएगा।
मद्दा के घोटालों की लंबी लिस्ट
मद्दा ने जमीन घोटाला कर 6.40 करोड़ की संपत्तियां खरीदी। मजदूर पंचायत, देवी अहिल्या श्रमिक कामगार और कल्पतरू सोसायटी में घोटाला किया है। मजदूर पंचायत सोसायटी में नसीम हैदर की मदद से मद्दा ने हनी और टनी को ढाई-ढाई एकड़ जमीन दो-दो करोड़ रुपए में बेची, जिसकी बाजार में कीमत 25 करोड़ रुपए थी। इसी तरह देवी अहिल्या सोसायटी में रणवीर सिंह सूदन के साथ मिलकर यहां की चार एकड़ जमीन का सौदा सिम्पलेक्स कंपनी के नाम कर दिया। यह सौदा चार करोड़ में हुआ और इसमें काफी घपला हुआ। मद्दा ने कल्पतरू सोसायटी संस्था से सौदा किया। हिना पैलेस में 21 हजार वर्गफीट जमीन पर 50 हजार वर्गफुट का निर्माण कर संस्था सदस्यों को 15 साल में फ्लैट बनाकर देने का एग्रीमेंट हुआ। मद्दा ने केवल 70 लाख रुपए ही संस्था को दिए और 4.31 करोड़ रुपए खुद रख लिए। इसी पैसे से बिचौली मर्दान में संपत्ति लेकर अपने रिश्तेदार के नाम कर दिए। इसी तरह 1.88 करोड़ रुपए मद्दा ने कहीं और लगा दिए।
मद्दा के खिलाफ रासुका भी लगी थी
सहकारिता विभाग की शिकायत पर मद्दा के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने कल्पतरू सोसायटी में 4.89 करोड़ रुपए के घोटाले का केस दर्ज किया था। इसी मामले में वह 3 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार हुआ था। इसी बीच ईडी ने भी मनी लांण्ड्रिंग में केस दर्ज कर जेल से ही उसकी सुपुर्दगी ले ली। जब भूमाफिया अभियान चला था तब मद्दा के खिलाफ आधा दर्जन एफआईआर हुई थी। प्रशासन ने रासुका लगाकर उसे जेल भेज दिया था। रासुका रद्द होने के बाद वह बाहर आया लेकिन क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। शासन भी कह चुका है कि मद्दा आदतन अपराधी है।

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