इंदौर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के इंदौर अध्यक्ष पद पर एक बार फिर आम कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है। संगठन भी उन नेताओं के नाम पहुंचा रहा है जो पैसे के बल पर यह पद पाने के इच्छुक हैं। आम कार्यकर्ता शायद दरी और कुर्सियां ही उठाते रह जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि इंदौर में भाजयुमो अध्यक्ष पद की कवायद चल रही है। संगठन ने अब तक जो नाम भेजे थे, उनमें एक भी आम कार्यकर्ता शामिल नहीं है। सारे नाम ऐसे ही हैं, जो आयोजनों, होर्डिंग तथा अन्य माध्यमों पर खुलकर पैसा उड़ा रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या आम कार्यकर्ताओं की पार्टी में कोई पूछ-परख नहीं है।
विवाद के बाद फिर से नाम भेजने की तैयारी
भाजपा में चर्चा है कि इंदौर से संगठन ने तीन-चार नाम भेजे। इस पर इतना बवाल मचा कि फिर से नाम भेजने की तैयारी है। लेकिन इनमें भी अक्षत चौधरी, मयुरेश पिंगले और धीरज ठाकुर जैसे नाम ही बताए जा रहे हैं। विशेषकर अक्षत चौधरी नाम पर ज्यादा आपत्ति है। अक्षत चौधरी पार्टी के नए धन्ना सेठ माने जाते हैं और आए दिन आयोजनों पर खूब पैसे लुटा रहे हैं। चौधरी ने प्रदेश कार्यकारिणी के लिए भी कोशिश की थी, लेकिन शिकायतों के बाद इससे बाहर रहे। इन दिनों अक्षत राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के खास माने जाने वाले जीतू जिराती के खेमे में शामिल हो गए हैं। बताया जाता है कि जिराती की तरफ से उन्हें भाजयुमो की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी शामिल कराने का वादा किया गया है।
पहले इनोवा अब फॉर्च्यूनर चर्चा में
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर भाजपा में इन दिनों इनोवा कार की खूब चर्चा है। सबको पता है कि इनोवा कार किसने किसको गिफ्ट की है। इसके अलावा फॉर्च्यूनर भी बुक कर दी गई है। पद मिलने के बाद गाड़ी घर पहुंच जाएगी। सूत्र बताते हैं कि इनोवा कार की शिकायत भोपाल पहुंचने के बाद ही धीरज ठाकुर का नाम प्रदेश कार्यकारिणी से बाहर हुआ, लेकिन जिसने गाड़ी ले ली है उसकी कोशिश है इसे अध्यक्ष बना लिया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष को धोखे में रखने की कोशिश
धन्नापति सेठों का मामला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तक पहुंच चुका है। उनके हस्तक्षेप से ही भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी से ऐसे कई नाम बाहर रहे। इसके बावजूद इंदौर का संगठन और नेता प्रदेश अध्यक्ष की आंखों में धूल झोंककर ऐसे ही नेताओं की नियुक्ति करवाना चाहता है। क्या इंदौर के नेताओं को यह नहीं दिख रहा कि वे किसका नाम आगे बढ़ा रहे हैं?
पिंगले भी धनबल दिखाने में जुटे
बताया जाता है कि इंदौर से मयूरेश पिंगले का भी नाम भेजा गया है। अब आम कार्यकर्ताओं में इस बात की चर्चा है कि आखिर किस आधार पर पिंगले का नाम भेजा गया। पिंगले भी दूसरे दावेदारों की तरह अब धनबल दिखाने में जुट गए हैं। आम कार्यकर्ता कह रहे हैं कि वे सालों से पसीना बहा रहे हैं, नेताओं के आयोजनों में भीड़ जुटाने से लेकर उनके झंडे-बैनर लेकर घूम रहे हैं फिर उनका नाम क्यों नहीं?
झगड़े के कारण दो बार टला टेलर का दौरा
इंदौर में दावेदारों के आपसी विवादों के कारण ही भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर का दौरा दो बार टल चुका है। हर दौरे में दावेदारों ने इंदौर के घटनाक्रमों को आधार बनाकर खूब शिकायतें पहुंचाईं। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को हस्तक्षेप करना पड़ा। ताज्जुब तो इस बात का है कि दोनों बार दावेदारों ने लाखों रुपए होर्डिंग पर खर्च कर दिए और स्वागत की जोरदार तैयारी भी कर ली थी।


