सुरेश भदौरिया के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज पर ईडी का छापा, फर्जी मान्यता मामले में सीबीआई की एफआईआर पर 10 राज्यों में एक साथ कार्रवाई

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इंदौर। पूरे देश में फर्जीवाड़े के लिए कुख्यात इंदौर के इडेक्स मेडिकल कॉलेज पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापा मारा है। ईडी ने यह कार्रवाई 10 राज्यों के 15 ठिकानों पर एक साथ शुरू की है। इससे पहले जुलाई महीने में सीबीआई ने इंडेक्स पर छापा मारा था? सीबीआई ने यह कार्रवाई मेडिकल कॉलेजों को फर्जी मान्यता दिलाने के केस में की थी।

ईडी ने मेडिकल कॉलेजों की मान्यता में कथित अनियमितताओं के मामले में गुरुवार को देशभर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। एजेंसी ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी की। मेडिल कॉलेजों के निरीक्षण से जुड़ी जानकारी लीक करने का आरोप यह कार्रवाई सीबीआई की ओर से 30 जून 2024 को दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है। इसमें आरोप है कि नेशनल मेडिकल कमीशन 9एनएमसी) के अधिकारियों सहित सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी। सीबीआई के अनुसार उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण से जुड़ी गोपनीय जानकारी बिचौलियों और कॉलेजों से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को लीक की, जिसके बाद निरीक्षण के मानकों में हेरफेर कर अकादमिक कोर्स चलाने की मंजूरी हासिल की गई।

कॉलेज प्रशासन ने कहा-जांच में कर रहे सहयोग

इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी धीरज जायसवाल ने एक बयान जारी कर कहा है कि देशभर में मेडिकल कॉलेजो में ईडी की जांच जारी है। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में ईडी की जांच चल रही है। सभी संबंधित विभाग द्वारा राष्ट्रीय एजेंसी को पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच हो सके। टीम को सभी आवश्यक दस्तावेज़ और जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। हमारा उद्देश्य है कि तथ्य सामने आएं और किसी भी प्रकार की भ्रांति या भ्रम दूर हो। कॉलेज हमेशा से नियमों, अनुशासन और सत्यनिष्ठा का पालन करता आया है और आगे भी करता रहेगा।

सीबीआई की एफआईआर पर कार्रवाई

यह कार्रवाई सीबीआई की ओर से 30 जून 2024 को दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है। इसमें आरोप है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अधिकारियों सहित सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी। सीबीआई के अनुसार उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण से जुड़ी गोपनीय जानकारी बिचौलियों और कॉलेजों से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को लीक की, जिसके बाद निरीक्षण के मानकों में हेरफेर कर अकादमिक कोर्स चलाने की मंजूरी हासिल की गई।है। बताया जा रहा कि ईडी ने ये एक्शन मेडिकल कॉलेजों से जुड़े रिश्वतखोरी के मामले में लिया है। ये छापेमारी देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में की गई है।

मनी लॉन्ड्रिंग की हो रही है जांच

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने गुरुवार को दस राज्यों में मिलकर छापेमारी की। यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग की एक जांच में की गई। यह जांच कुछ मेडिकल कॉलेजों को कोर्स चलाने के लिए एकेडमिक मंजूरी देने में कथित रिश्वतखोरी से जुड़ी है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है।

फर्जी मान्यता दिलाता है भदौरिया

इंडेक्स मेडिकल कॉलेज पर जुलाई में सीबीआई की टीम ने छापा मारा था। आरोप है कि कॉलेज ने मान्यता रिन्यू कराने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा किया। निरीक्षण रिपोर्ट अनुकूल बनाने के लिए रिश्वत दी, ताकि मान्यता बरकरार रहे। सीबीआई ने देशभर में ऐसे 40 संस्थानों पर कार्रवाई की है। इसका सिलसिला रायपुर से शुरू हुआ था, वहीं से इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में भी गड़बड़ी के सुराग मिले। नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा मेडिकल कॉलेज को 250 सीटों की मान्यता दिलाने के नाम पर 55 लाख की रिश्वत देने का मामला सामने आया था।

फरार हो गया था सुरेश भदौरिया

सीबीआई के छापे के बाद इंडेक्स मेडिकल कॉलेज का संचालक सुरेश भदौरिया फरार हो गया था। भदौरिया सहित 35 लोगों के खिलाफ रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल सांइसेज के घोटाले के मामले में धोखाधडी का केस दर्ज किया था। भदौरिया के खिलाफ दस साल पहले भी सीबीआई केस दर्ज कर चुकी है और उसकी गिरफ्तारी भी हो चुकी थी। इसके अलावा भदौरिया व्यापमं घोटाले का भी आरोपी रह चुका है।

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