बधाई हो सांसद जी-आप लेखक बन गए, पीएम मोदी पर किताब लिख आपने दिखा दी अपनी प्रतिभा, इंदौर की जनता को तो पता ही नहीं था

Date:

इंदौर। लोकसभा चुनाव में नोटा के खिलाफ सबसे ज्यादा वोटों से जीत का रिकॉर्ड बनाने वाले शंकर लालवानी के बायोडेटा में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। इसके बारे में इंदौर शहर ही नहीं पूरी लोकसभा क्षेत्र की जनता को भी पता नहीं था। सांसद महोदय ने पहली बार कलम चलाई है और वह भी पीएम नरेंद्र मोदी पर। सांसद ने पीएम मोदी पर एक किताब लिख डाली है, जिसका नाम है-100 मोदी मंत्रा।

सांसद लालवानी की इस किताब का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विमोचन किया। इस किताब में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भारत को बदलने की कहानी लिखी गई है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में उनके परिवर्तनकारी दशक पर एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती यह पुस्तक उनके 2014 से 2024 के कार्यकाल को परिभाषित करने वाले 100 मुख्य मंत्रों का सार प्रस्तुत करती है। गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बनने तक की मोदी की यात्रा से प्रेरणा लेते हुए, यह पुस्तक उनकी नेतृत्व शैली और नीतियों को गहराई से विश्लेषित करती है। सांसद लालवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देते हुए कहा कि मोदी जी राष्ट्रनायक एवं युगपुरुष हैं, उनके द्वारा लिए गए फैसलों से आने वाले सैकड़ो सालों के लिए भारत सक्षम हुआ है एवं प्रगति के रास्ते पर है। यह पुस्तक भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण युग का इतिहास है।

आपको इंदौर शहर की जनता की ओर से पुन: बधाई। आपकी प्रतिभा पर इंदौर की जनता को पूरा भरोसा है, लेकिन ऐसे चौंकाने वाले कारनामे करने से पहले अपने समर्थकों पर तो भरोसा कर लिया कीजिए। आपके बारे में कहा जाता है कि आप जहां भी पैठ करना चाहते हैं, वहां घुसपैठ जरूर कर लेते हैं। अब देखिए न इंदौर शहर के कई भाजपा नेता जिस पोस्ट के लिए तरसते रह गए वह सब आपको आसानी से मिलते चले गए। आप नगर निगम में पार्षद बने तो वहां भी कई मलाईदार पदों पर रहे। भाजपा नगर अध्यक्ष बन गए और तो और जिस आईडीए के लिए लोग बीसियों साल से लॉबिंग करते रहे, वहां आप दो बार अध्यक्ष बन गए। सांसदी भी आपके हाथ लग गई। दूसरी बार टिकट पर ही संकट था, लेकिन आपकी किस्मत देखिए सामने कोई प्रत्याशी ही नहीं था। नोटा के मुकाबले आपने भारत में सबसे ज्यादा वोटों से जीत का रिकॉर्ड बना लिया।

अपने को तो भरोसा नहीं होता, लेकिन लोग कहते हैं-जहां दम, वहां हम। शायद इसी रीति पर चलते हुए आपने किताब लिख डाली। लोग ही मूर्ख थे, जिन्हें अभी तक सिर्फ यही पता था कि लालवानी साहब को लोक संस्कृति से मोह है और इसीलिए हर साल लालबाग में विभिन्न सरकारी विभागों की मदद से मालवा उत्सव कराते हैं। अब इस नई प्रतिभा की जानकारी भी लग गई है तो उम्मीद करें कि अमित शाह जी या गौतम अडाणी पर भी जल्द ही किताब देखने को मिल जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

घुमक्कड़ : जरा सोचिए, भूमाफिया न होते तो कैसे ‘रईस’ दिखता इंदौर!

पिछले कुछ दशकों से इंदौर शहर में नए ‘रईसों’ की बाढ़ सी आ गई। सोने की मोटी चेन, ब्रेसलेट, ब्रांडेड जीन्स, शर्ट, शूज और महंगी गाड़ियों से उतरते किसी को देख लीजिए तो सहज ही अंदाजा हो जाता है कि ये वो वाले ‘रईस’ हैं।