श्रीनगर। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ पहुचे। शाह ने ने सीमा सुरक्षा बल की सराहना करते हुए कहा कि जम्मू सीमा पर जवाबी कार्रवाई में बीएसएफ ने पाकिस्तान की 118 से अधिक चौकियों को बर्बाद कर दिया। बीएसएफ ने दुश्मन के निगरानी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है, जो एक बड़ा झटका है। एक ऐसी प्रणाली जिसे दोबारा बनाने में उन्हें चार से पांच साल लगेंगे। उन्होंने कहा कि इससे यह सिद्ध होता है कि शांति काल में भी आपने सतर्क दृष्टि रखी। आपकी सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर सटीक जवाबी रणनीति पहले से ही तैयार कर ली गई थी। जब अवसर आया तो आपने उसे सफलतापूर्वक लागू किया। शाह ने कहा कि बीएसएफ भारत की प्रथम रक्षा पंक्ति के रूप में कार्य कर रही है और रेगिस्तान, पहाड़ों, जंगलों और ऊबड़–खाबड़ इलाकों में अटूट समर्पण के साथ मुस्तैद है। जब भी भारत की सीमाओं पर किसी भी तरह का हमला होता है संगठित या असंगठित, गुप्त या प्रत्यक्ष सबसे पहले इसका खामियाजा हमारे बीएसएफ जवानों को भुगतना पड़ता है, लेकिन वे यह सोचने के लिए कभी रुकते नहीं कि सीमा कहां है।
शाह ने कहा-दु:ख साझा करने आया हूं
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शाह ने कहा कि वह जवानों से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए दृढ़ संकल्पित थे। उन्होंने कहा कि मैं पुंछ में गुरुद्वारों, मंदिरों, मस्जिदों और नागरिक आबादी को हुए नुकसान का दौरा करने और उसका दुख साझा करने आया हूं। मुझे बताया गया कि मौसम ठीक नहीं है, फिर भी मैंने तय किया कि मैं सड़क मार्ग से जाऊंगा और सीमा पर तैनात जवानों से मिलकर ही लौटूंगा। भगवान की कृपा रही कि मौसम साफ हो गया और मुझे आपसे मिलने का मौका मिला।



