संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत का पाकिस्तान पर करारा हमला, स्विट्जरलैंड को भी फटकार
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उसे आतंकवाद के प्रायोजक देश से सबक लेने की कोई जरूरत नहीं है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले नेटवर्कों को वित्तपोषित और पनाह देता है।
👉 यह भी पढ़ें:
- संयुक्त राष्ट्र में भारत का करारा प्रहार, पाकिस्तान के हिंसक इतिहास की दुनिया के सामने खोली परतें
- संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों की निंदा की
- संयुक्त राष्ट्र मंच पर भारत का फिर पाक पर तीखा प्रहार: पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को सख्ती से किया खारिज
- संयुक्त राष्ट्र में भारत का कड़ा संदेश: कश्मीर पर पाकिस्तान को फटकार, पीओके खाली करने की दो-टूक चेतावनी
- संयुक्त राष्ट्र में भारत का सख्त जवाब: आतंक के खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी, संयमित और जिम्मेदार थी
- संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार

जिनेवा स्थित भारत के स्थायी मिशन के सलाहकार क्षितिज त्यागी ने कहा:
हम एक बार फिर उस देश के उकसावे का जवाब देने के लिए बाध्य हैं, जिसके नेतृत्व ने हाल ही में अपने देश की तुलना कूड़ा ढोने वाले ट्रक से की थी।
मानवाधिकार परिषद के 60वें सत्र में पाकिस्तान द्वारा भारत को लेकर की गई टिप्पणी का उत्तर देते हुए त्यागी ने याद दिलाया कि इस वर्ष अप्रैल में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने पहलगाम नरसंहार में खुशी के माहौल को हत्या के मैदान में बदल दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अस्तित्व ही आतंकवाद और झूठे प्रचार पर टिका है।
त्यागी ने यह भी कहा यह तुलना सही बैठती है क्योंकि पाकिस्तान लगातार पुराने झूठ और बासी प्रोपेगेंडा इस मंच पर लेकर आता है।
भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) को भी अपने हित में इस्तेमाल करता है और भारत-विरोधी जुनूनी सोच को ही अपने अस्तित्व का सहारा बनाए हुए है।
इसके साथ ही भारत ने स्विट्जरलैंड की टिप्पणियों को भी आश्चर्यजनक और अज्ञानतापूर्ण करार दिया। भारतीय राजनयिक ने कहा कि स्विट्जरलैंड को खुद “नस्लवाद, व्यवस्थित भेदभाव और विदेशी-द्वेष” जैसी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि यूएनएचआरसी की अध्यक्षता स्विट्जरलैंड के पास है, इसलिए उसे बयान देने में और अधिक सोच-समझ दिखानी चाहिए।



