आतंकवाद के खिलाफ भारत को अमेरिका में मिला मजबूत समर्थन
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में एक सर्वदलीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका की यात्रा की, जहां उन्होंने वॉशिंगटन में अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति के साथ बैठक की। इस महत्वपूर्ण वार्ता में अमेरिका के दोनों राजनीतिक दलों के सांसदों ने भारत के प्रति समर्थन जताया और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई की सराहना की।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अमेरिकी सांसदों से मुलाकात
भारतीय दल की मुलाकात अमेरिकी विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष ब्रायन मास्ट, सदस्य ग्रेगरी मीक्स, कमलागेर डोव और बिल हुजएंगा से हुई। इन सांसदों ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और भारत के जवाबी रुख का समर्थन किया।
ब्रायन मास्ट ने बैठक के बाद कहा यह बेहद अहम बैठक रही। आतंकवाद के लिए दुनिया में कोई जगह नहीं है। भारत से ऐसे जवाब की उम्मीद थी। भारत और अमेरिका के रिश्ते बहुत अच्छे हैं और भविष्य में इन रिश्तों के और विस्तार की संभावना है। हमें आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना होगा।”
भारत-पाक संघर्ष विराम पर भी चर्चा
सांसद कमलागेर डोव ने न केवल आतंकी हमले की निंदा की, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का भी समर्थन किया और आशा जताई कि यह आगे भी कायम रहेगा।
सांसद ग्रेगरी मीक्स ने कहा भारत और अमेरिका दोनों लोकतांत्रिक देश हैं और हमारे साझा मूल्य हैं। आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और भारत के जवाबी कदम का हम समर्थन करते हैं।”
शशि थरूर का अमेरिकी समर्थन के प्रति आभार
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे शशि थरूर ने अमेरिकी सांसदों के एकमत समर्थन के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात में न केवल आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुई, बल्कि व्यापार, अर्थव्यवस्था और छात्र वीज़ा जैसे अहम मुद्दे भी उठाए गए।
यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


