भारत–यूरोप की साझेदारी: बिखरी दुनिया के लिए एक नया रास्ता
यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि भारत और यूरोपीय संघ मिलकर एक “बिखरी हुई दुनिया” को एक बेहतर विकल्प दिखा रहे हैं। उनके अनुसार, दोनों पक्ष रणनीतिक साझेदारी, संवाद और खुलेपन के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।
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यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंतोनियो लुईस सांतोस दा कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन सोमवार को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब भारत–ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत अंतिम चरण में पहुँच चुकी है, जिसकी पुष्टि ईयू के व्यापार आयुक्त ने दिल्ली दौरे की शुरुआत में की।
यह महत्वपूर्ण बैठक ऐसे दौर में हो रही है, जब यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच जमीन और व्यापार से जुड़े मुद्दों को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है।
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने लिखा,
“भारत और यूरोप ने एक साफ विकल्प चुना है — रणनीतिक साझेदारी, संवाद और खुलेपन का। हम एक बिखरी हुई दुनिया को दिखा रहे हैं कि एक दूसरा रास्ता भी मुमकिन है।”


