राहुल गांधी को पुतिन से न मिलने देने पर बवाल; राजीव शुक्ला का केंद्र पर बड़ा हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात का समय न दिए जाने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा है। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि यह एक “विचित्र” और “परंपरा-विरुद्ध” कदम है।
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शुक्ला ने कहा, नेता विपक्ष को पुतिन से न मिलवाना बेहद अजीब है। यह परंपरा वाजपेयी जी के समय से चली आ रही है। सोनिया गांधी जब नेता प्रतिपक्ष थीं, तब भी विदेशी अतिथि उनसे मिलते थे। मनमोहन सिंह ने भी यह परंपरा जारी रखी थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
उन्होंने कहा,रूस के साथ भारत के रिश्तों की नींव गांधी परिवार ने रखी थी। 1971 के युद्ध के दौरान इंदिरा गांधी ने ब्रेझनेव को बोट क्लब में बुलाकर रैली करवाई और रक्षा संधि साइन की थी। आज उसी परिवार के नेता को मुलाकात से वंचित रखना विचित्र है।

इसी बीच राहुल गांधी ने भी सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा,
सरकार की नीति बन गई है कि विदेशी नेताओं से विपक्ष की मुलाकात न हो। चाहे कोई प्रतिनिधिमंडल भारत आए या मैं विदेश जाऊं, हमेशा यही संदेश मिलता है कि सरकार ने कहा है—नेता प्रतिपक्ष से नहीं मिलना।
राहुल ने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष भी भारत का प्रतिनिधित्व करता है, सिर्फ सरकार ही नहीं। यह परंपरा अब मोदी सरकार और विदेश मंत्रालय निभाना नहीं चाहते। इससे एक तरह की असुरक्षा झलकती है,


