नई दिल्ली। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को मिडिल क्लास के लोगों के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चौथी बार हमारी सरकार बनी तो हम मिडिल क्लास को टैक्स से राहत देंगे। उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास केवल एटीएम बनकर रह गया है। केजरीवाल ने केंद्र सरकार से आगामी बजट में टैक्स की छूट सीमा 10 लाख रुपए करने को कहा है।
अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक वीडियो जारी करते हुए मि़डिल क्लास मैनिफेस्टो जारी किया और केंद्र की मोदी सरकार से इस वर्ग के लिए 7 सूत्रीय मांग की। उन्होंने दावा किया कि सरकारें मिडल क्लास का एटीएम की तरह इस्तेमाल करती हैं। ये क्लास टैक्स टेररिज्म का पीड़ित है। उन्होंने मांग की कि देश का अगला बजट मिडल क्लास को समर्पित हो। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए संजीवनी योजना, शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में वृद्धि, आयकर छूट में वृद्धि सहित कई वादे किए। पार्टी ने मिडिल क्लास मैनिफेस्टो डॉट कॉम नाम से एक वेबसाइट भी लॉन्च की है और लोगों से अपील की है कि वे वेबसाइट पर साइन–इन करके केंद्र सरकार तक अपनी भी आवाज पहुंचाएं। कुल मिलाकर ये मैनिफेस्टो कम, मांग पत्र ज्यादा लग रहा।
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बड़े उद्योगपति उनके नोट बैंक
बुधवार को जारी वीडियो में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक तरह से बड़े उद्योगपति उनके नोट बैंक हैं और बाकी लोग उनके वोट बैंक हैं। इस नोट बैंक और वोट बैंक के बीच में एक बहुत बड़ा ऐसा वर्ग है जो पिसकर रह गया है। जो न इधर का है और न उधर का। ये वर्ग है मिडल क्लास। कोई भी पार्टी आज मिडल क्लास के हित की बात करने को तैयार नहीं है। मिडल क्लास टैक्स भर–भरकर देता है देश चलाने के लिए लेकिन बदले में क्या मिलता है, कुछ नहीं। मिडिल क्लास सरकार का सिर्फ और सिर्फ एटीएम बनकर रह गया है। मिडिल क्लास की 50 प्रतिशत से ज्यादा कमाई सरकार को टैक्स देने में चली जा रही है।


