बजट 2025-26: मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ी कर छूट, रुपये की स्थिरता पर भी बयान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 को “लोगों द्वारा, लोगों के लिए, लोगों का” करार देते हुए कहा कि सरकार ने मध्यम वर्ग की आवाज सुनी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर कटौती के पक्ष में थे, लेकिन नौकरशाहों को समझाने में समय लगा।
मध्यम वर्ग को राहत: कर छूट का बड़ा ऐलान
वित्त मंत्री ने कहा कि ईमानदार करदाता होने के बावजूद मध्यम वर्ग के लोग अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति न होने की शिकायत कर रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत आयकरदाताओं को अब तक की सबसे बड़ी कर छूट दी गई है।
रुपये की गिरावट पर सफाई, डॉलर की मजबूती को बताया कारण
रुपये में गिरावट को लेकर हो रही आलोचना पर सीतारमण ने कहा कि रुपये में अस्थिरता केवल डॉलर के मुकाबले है, अन्य सभी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले रुपया स्थिर बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया:
“डॉलर मजबूत हो रहा है, इसलिए रुपये में अस्थिरता देखने को मिल रही है। लेकिन हमारी वृहद आर्थिक बुनियाद मजबूत है। अगर बुनियाद कमजोर होती, तो रुपया सभी मुद्राओं के मुकाबले गिरता।”
भारतीय रिजर्व बैंक का हस्तक्षेप और डॉलर भंडार
हाल में रुपये को स्पॉट मार्केट में तेज गिरावट से बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 77 अरब डॉलर खर्च किए हैं।
RBI बाजार में हस्तक्षेप के विभिन्न तरीकों पर विचार कर रहा है ताकि भारी उतार-चढ़ाव से निपटा जा सके।
डॉलर की मजबूती से रुपये पर असर, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 2025 में ब्याज दरों में कम कटौती के संकेत के बाद डॉलर इंडेक्स में उछाल आया, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा।
हालांकि, भारतीय रुपया अभी भी एशियाई और वैश्विक समकक्षों के मुकाबले सबसे कम अस्थिर मुद्रा बनी हुई है।
सरकार और आरबीआई स्थिति पर नजर बनाए हुए
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार रुपये की स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है और बाजार की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
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