इस बार भी जेएनयू पर नहीं चढ़ा भगवा रंग, छात्रसंघ चुनाव में चारों सीटें फिर हुईं लाल, अदिति मिश्रा बनीं अध्यक्ष

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नई दिल्ली। पूरी भाजपा बिहार में फतह करने में जुटी है, इधर एक बार फिर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) उनकी नाक के नीचे से निकल गई। छात्रसंघ चुनाव में इस बार भी भाजपा की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को प्रवेश नहीं मिला है। छात्रसंघ चुनाव में चारों पदों पर लेफ्ट के उम्मीदवारों की जीत हुई है। अध्यक्ष पद पर लेफ्ट की अदिति मिश्रा विजयी हुई हैं।

अध्यक्ष पद पर लेफ्ट पद अदिति मिश्रा ने एबीवीपी के विकास पटेल को हराया है, वहीं उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट की के. गोपिका ने एबीवीपी की तान्या कुमारी को पराजित किया है। महासचिव पद पर एबीवीपी के राजेश्वर कांत दुबे को पराजित कर लेफ्ट के सुनील यादव ने कब्जा जमाया। इसी तरह संयुक्त सचिव पद पर लेफ्ट के दानिश अली ने अनुज दमारा को हराया।

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उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष एबीवीपी ने एक दशक बाद जेएनयू छात्रसंघ के सेंट्रल पैनल में संयुक्त सचिव का पद जीतकर बड़ी वापसी की थी। 2015 में एबीवीपी ने आखिरी बार यह पद जीता था, जिसके बाद कई वर्षों तक वामपंथी संगठनों ने लगातार सभी प्रमुख पदों पर कब्जा बनाए रखा। 9,043 छात्रों के वोट देने के योग्य होने के साथ, 67% मतदान हुआ।

कितने मतों से हुई जीत हार

अध्यक्ष बनीं अदिति मिश्रा ने 1,861 वोट हासिल किए, जबकि एबीवीपी के विकास पटेल को 1,447 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर के. गोपिका ने 2,966 वोटों से बड़ी जीत दर्ज की, जबकि एबीवीपी की तान्या कुमारी को 1,730 वोट मिले। महासचिव पद पर सुनील यादव ने एबीवीपी के राजेशवर कांत दुबे को सिर्फ 1,915 के मुकाबले 1,841 वोटों से हराया। संयुक्त सचिव पद पर, दानिश अली ने 1,991 वोट प्राप्त कर किए, जबकि एबीवीपी के अनुज दमारा को 1,762 वोट मिले।

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