ऑपरेशन सिंदूर’ पर विदेश दौरे की सूची
पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा – मोदी सरकार की गंभीरता पर संदेह
👉 यह भी पढ़ें:
- George Kurian Resignation: मोदी सरकार के मंत्री ने अचानक दिया इस्तीफा, क्या केरल चुनाव और बीजेपी की रणनीति से जुड़ा है बड़ा संकेत?
- राहुल गांधी ने केंद्र पर जमकर साधा निशाना, कहा-जिम्मेदारी और ईमानदारी मोदी सरकार की सोच से परे
- ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, भारत की कूटनीतिक कोशिशों पर उठाए सवाल
- ऑपरेशन सिंदूर पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह-मर्जी से 72 घंटे में खत्म किया, वरना हम लंबी लड़ाई के लिए तैयार थे
- रूसी तेल पर अमेरिका की 30 दिन की छूट, कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला — “कब तक चलेगा अमेरिकी दबाव?”
- भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को नई रफ्तार: INDO-PACOM कमांडर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जमकर सराहना
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सीमापार आतंकवाद के ख़िलाफ भारत की अंतरराष्ट्रीय रणनीति के तहत सात प्रतिनिधिमंडलों को विदेश भेजे जाने की योजना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार देर रात उन नेताओं की पूरी सूची जारी की जो विभिन्न देशों का दौरा करेंगे। इस सूची में बीजेपी, कांग्रेस समेत अन्य दलों के नेताओं को शामिल किया गया है।

कांग्रेस का आरोप
सुझाए गए 4 में से केवल 1 नाम शामिल
कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा सांसद जयराम रमेश के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 16 मई की सुबह मोदी सरकार ने कांग्रेस से 4 सांसदों/नेताओं के नाम मांगे थे, जो विदेश भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो सकें। विपक्ष के नेता ने ये चार नाम दोपहर 12 बजे तक संसदीय कार्य मंत्री को लिखित रूप में भेज दिए थे।”
कांग्रेस के मुताबिक, ये चार नाम थे:
- आनंद शर्मा
- गौरव गोगोई
- डॉ. सैयद नासिर हुसैन
- राजा बरार
लेकिन 17 मई की देर रात जब प्रतिनिधिमंडलों की सूची जारी हुई, तो इनमें से केवल एक नाम को ही जगह दी गई।
कांग्रेस ने क्या कहा?
बयान में कांग्रेस ने कहा यह मोदी सरकार की गंभीरता की कमी और राष्ट्रीय मुद्दों पर उनकी घटिया राजनीतिक रणनीति को दिखाता है।”
हालांकि कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा चुने गए कांग्रेस के सांसद/नेता प्रतिनिधिमंडलों में भाग लेंगे और अपना योगदान देंगे।
शशि थरूर का नाम पहले नहीं था
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस की ओर से दिए गए चार नामों में शशि थरूर का नाम शामिल नहीं था, बावजूद इसके वह अब अमेरिकी दौरे वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।
इस विवाद के बीच मोदी सरकार की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है



