नई दिल्ली। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लैंड फॉर जॉब मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लालू यादव के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दे दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल अगस्त में पीएमएलए के तहत धन शोधन मामले में लालू यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय को आरजेडी प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव पर कथित लैंड फॉर जॉब घोटाले में मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति ने सीआरपीसी की धारा 197(1) और बीएनएसएस, 2023 की धारा 218 के तहत अनिवार्य अनुमति दी। अगस्त 2024 में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत धन शोधन मामले में लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।
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उल्लेखनीय है कि सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि लालू प्रसाद 2004-2009 के दौरान भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के स्थानापन्नों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार में लिप्त थे। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया है कि उम्मीदवारों या उनके परिवार के सदस्यों को रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले रिश्वत के तौर पर जमीन हस्तांतरित करने के लिए कहा गया था। इसके अलावा, एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन के टुकड़े सीधे या परोक्ष रूप से लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों के नाम पर पंजीकृत थे। इसके अलावा, सीबीआई ने इस मामले में तीन आरोपपत्र भी दाखिल किए थे।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने मार्च में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहने के दौरान जमीन के बदले नौकरी घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के बारे में पूछताछ की थी। नाम न बताने की शर्त पर सूत्र ने बताया कि लालू से संजय राय नामक व्यक्ति के बारे में भी पूछा गया, जिसने अपना 3,375 वर्ग फुट का प्लॉट राबड़ी को 3.75 लाख रुपये की मामूली कीमत पर बेचा और कुछ ही समय में रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी पा ली।


