मणिपुर में विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 11 उग्रवादी गिरफ्तार, हथियार और विस्फोटक बरामद
मणिपुर पुलिस ने इंफाल ईस्ट, काकचिंग और थौबल जिलों में चलाए गए तलाशी अभियानों के दौरान विभिन्न प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े 11 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां सोमवार को की गईं, जिनकी जानकारी पुलिस ने मंगलवार को दी।
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इंफाल ईस्ट में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां
पुलिस के अनुसार, कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (PWG) के चार सदस्यों को इंफाल ईस्ट जिले के मंत्रिपुखरी फ्रेंच कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया। वहीं, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के एक सदस्य को सावोमबंग काबुई खुंजाओ से जबरन वसूली में शामिल होने के आरोप में पकड़ा गया। उसके पास से दो पिस्तौल, एक हथगोला और एक डेटोनेटर बरामद किया गया।
हथियारों और धमकी की साजिश
इन उग्रवादियों पर आरोप है कि वे घाटी क्षेत्र में आम जनता को डराने के लिए हथगोले रखकर धमकाने की घटनाओं में शामिल थे। इनके पास से दो पिस्तौल, दो मैगजीन और अन्य गोला-बारूद बरामद किया गया है।
अन्य गिरफ्तारियां और बरामदगी
एक अन्य अभियान में सुरक्षा बलों ने केराओ वांगखेम और उसके आसपास के क्षेत्रों से PLA के तीन अन्य सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से पांच हथियार, गोला-बारूद और एक वायरलेस संचार उपकरण जब्त किया गया।
इसके अलावा, थौबल जिले के वांगजिंग अवांग लेईकाई में एक खाली पड़े घर से KCP (अपुनबा) के दो कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया। दोनों जबरन वसूली में शामिल थे। वहीं, KCP (ताइबंगनबा) के एक सदस्य को काकचिंग जिले से गिरफ्तार किया गया।
दो साल से जारी तलाशी अभियान
मई 2023 में मणिपुर में भड़की मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा के बाद से सुरक्षा बल राज्य में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। इस हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
राज्य में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था, जब मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था।


