नवी मुंबई में साइबर ठगी और अवैध प्रवास का भंडाफोड़, फर्जी ईमेल से बैंक खाते कराए सील वहीं बांग्लादेशी नागरिकों की हुई गिरफ्तारी
फर्जी ईमेल बनाकर बैंक खातों को फ्रीज कराने की साइबर ठगी
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नवी मुंबई पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ की प्रतिष्ठा को निशाना बनाकर एक जालसाज ने फर्जी ईमेल आईडी तैयार की और उसका इस्तेमाल कर बैंकों को गुमराह करते हुए कई ग्राहकों के खाते फ्रीज करवा दिए।

यह मामला तब सामने आया जब एक बैंक ने ईमेल की सत्यता जांचने के लिए मुंबई साइबर सेल से संपर्क किया। जांच में पता चला कि विवादित ईमेल साइबर सेल द्वारा नहीं भेजा गया था, बल्कि यह एक नकली ईमेल आईडी थी जिसे बेहद चतुराई से पुलिस के आधिकारिक पते जैसा दिखाया गया था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कई बैंकों को ऐसे फर्जी ईमेल भेजे और झूठे बहाने बनाकर खातों को फ्रीज करने का अनुरोध किया। मामले में एक युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और जांच अभी जारी है।

नवी मुंबई में अवैध रूप से रह रहे पांच बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
नवी मुंबई पुलिस के मानव तस्करी रोधी प्रकोष्ठ (AHTC) ने पनवेल के करंजदे इलाके में छापा मारकर पांच बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। इनमें से तीन आरोपी वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रुके रहे, जबकि दो बिना किसी वैध दस्तावेज के देश में अवैध रूप से घुसे थे।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने धोखाधड़ी करके आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, और यहां तक कि भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिए थे।
आरोपियों की पहचान और कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- अन्ना खातून आकाश गाजी (35)
- अलो खातून इस्माइल गाजी (31)
- इस्तराफिल इस्लाम गाजी (25)
- किआ आकाश गाजी (21)
- आकाश लतीफ गाजी (40)
इनके साथ ही 52 वर्षीय सेवानिवृत्त भारतीय नागरिक मोहम्मद इस्माइल अमीनोद्दीन येरुलकर को भारतीय दस्तावेज दिलाने और अवैध प्रवास में मदद करने के आरोप में सह-आरोपी बनाया गया है।
गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को सोमवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां उन्हें 9 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।


