बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अजित जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस के नेता अमित जोगी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने यह सजा जग्गी हत्याकांड के मामले में सुनाई है। हाईकोर्ट ने उन्हें 7 दिनों के भीतर सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं, वहीं इस मामले में अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाईकोर्ट ने अपना विस्तृत आदेश अपलोड कर दिया है। अदालत ने अमित जोगी को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा व जस्टिस अरविंद वर्मा की डिवीजन बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।
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जून 2003 का है मामला
यह घटना 4 जून 2003 की रात करीब 11 बजे की है, जब एनसीपी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामअवतार जग्गी अपनी कार से घर लौट रहे थे। मौदहापारा थाने के सामने अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल जग्गी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस बहुचर्चित मामले में 2007 में निचली अदालत ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। बाद में जग्गी के बेटे ने इस फैसले को चुनौती दी, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और वहां से सुनवाई के लिए इसे वापस हाईकोर्ट भेज दिया गया।


