मुंबई। कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी की रिलीज के मामले में गुरुवार को बांबे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को 25 सितंबर तक फिल्म की रिलीज पर फैसला लेने को कहा था। गुरुवार को बेंच ने बोर्ड से पूछा कि उसने क्या फैसला किया है। इस पर सेंसर बोर्ड के वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने कहा कि समिति ने फिल्म को सर्टिफिकेट जारी करने और फिल्म को रिलीज करने से पहले कुछ कट्स लगाने के सुझाव दिए हैं।
जस्टिस बीपी कोलाबावाला और फिरदौस पूनीवाला की बेंच ने पिछले हफ्ते सेंसर बोर्ड को फटकार लगाते हुए इमरजेंसी की रिलीज पर जवाब मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि बोर्ड बताए कि फिल्म को प्रमाण पत्र जारी करने के बारे में उसकी क्या राय है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान फिल्म के को–प्रोड्यूसर्स जी स्टूडियो की ओर से वरिष्ठ वकील शरण जगतियानी ने कोर्ट से समय मांगा। उन्होंने कहा कि हमें यह फैसला लेने के लिए कुछ समय चाहिए कि हमारी फिल्म में कट लगाए जा सकते हैं या नहीं। कोर्ट ने अगली तारीख 30 सितंबर की दीहै।
इस महीने 6 सितंबर को होनी थी रिलीज
उल्लेखनीय है कि इमरजेंसी 6 सितंबर को रिलीज होने वाली थी। वह इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रोल में हैं। सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण फिल्म रिलीज नहीं हो पाई थी। फिल्म के निर्माताओं ने सेंसर बोर्ड पर आरोप लगाया था कि वह जान बूझकर फिल्म को रिलीज नहीं होने दे रहा है।
फिल्म की सह–निर्माता भी हैं कंगना
कंगना रनौत इमरजेंसी की सह–निर्माता भी हैं। इस फिल्म को लेकर कुछ सिंख संगठनों ने आपत्ति जताई थी। इनमें शिरोमणि अकाली दल भी शामिल है। इन संगठनों का आरोप है कि फिल्म में सिख समुदाय को गलत तरीके से पेश किया गया है और कई ऐतिहासिक तथ्य गलत दिखाए गए हैं। कंगना रनौत के साथ फिल्म का निर्माण करने वाले जी एंटरटेनमेंट ने फिल्म की रिलीज न होने पर बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।