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अहमदाबाद। कांग्रेस का अधिवेशन अहमदाबाद में चल रहा है। इसके दूसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ, ईवीएम और संसद में राहुल गांधी के नहीं बोलने का मुद्दा उठाया। खड़गे ने ईवीएम को फ्रॉड करार दिया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के विकसित देश ईवीएम को छोड़कर बैलेट पेपर की ओर चले गए। कहीं भी दुनिया में ईवीएम नहीं है, सिर्फ भारत में है। यह सब फ्रॉड है।
खड़गे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे तरीके ईजाद कर लिए हैं, जिससे सिर्फ उन्हें ही फायदा मिल रहा है, लेकिन आने वाले समय में देश के नौजवान उठ खड़े होंगे और कहेंगे कि हमें ईवीएम नहीं चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने सवालिया अंदाज में पूछा कि महाराष्ट्र में क्या हुआ? राहुल गांधी ने संसद और प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल उठाया, लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
संविधान पर चोट कर रहा है सत्ताधारी दल
बीजेपी पर हमला करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 11 साल से सत्ताधारी दल संविधान पर चोट कर रहा है। हमारे संवैधानिक मूल्यों, संवैधानिक प्रावधानों, संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार हमला हो रहा है और इसको रोकना जरूरी है। हाल में हुए संसद के बजट सत्र में सरकार ने मनमाने तरीके से सदन चलाया। सदन में नेता विपक्ष राहुल गांधी जी को बोलने नहीं दिया गया। लोकतंत्र में यह लज्जा की बात है। ये दिखाता है कि मौजूदा सरकार किस मानसिकता के साथ चल रही है, इसलिए हमें आवाज उठाना जरूरी है, क्योंकि आज जो हो रहा है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ।
धीरे-धीरे खत्म हो रहा है लोकतंत्र
खड़गे ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र धीरे–धीरे खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाए जाने के मुद्दे को संसद में उठाने की अनुमति नहीं दी गई। संसाधनों को कुछ पूंजीपतियों को सौंपकर एकाधिकार स्थापित किया जा रहा है। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि निजीकरण के जरिए एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण खत्म किया जा रहा है।



