दक्षिण-पश्चिमी मानसून 5 अक्टूबर से पहले नहीं लौटेगा
महाराष्ट्र में फिर जमकर बरसात की चेतावनी
👉 यह भी पढ़ें:
- Monsoon Alert: पहाड़ों से मैदान तक बारिश का कहर, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
- देशभर में फिर सक्रिय हुआ मानसून, दिल्ली से मध्य प्रदेश तक भारी बारिश का अलर्ट; कई राज्यों में सतर्कता
- देशभर में फिर सक्रिय हुआ मानसून: हिमाचल-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, असम में बाढ़ से बढ़ी चिंता; MP समेत कई राज्यों में बदले हालात
- Parliament Monsoon Session 2026: संसद में फिर हंगामा, NEET और छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन; लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित
- Climate Change Alert: क्या भारत का मानसून बन जाएगा ‘साइलेंट किलर’? IIT Study में चौंकाने वाला खुलासा, 70 करोड़ लोग खतरे में!
- Weather Alert: मानसून ने बदली देश की तस्वीर! कहीं मूसलाधार बारिश, कहीं बिजली का कहर, अब अल नीनो ने बढ़ाई नई टेंशन
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण महाराष्ट्र में एक बार फिर भारी बारिश के आसार हैं। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने 26 से 29 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है।
दक्षिण-पश्चिमी मानसून 5 अक्टूबर से पहले नहीं लौटेगा
महाराष्ट्र सरकार के सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून के 5 अक्टूबर से पहले लौटने की संभावना नहीं है। विभाग के अनुसार, 26 सितंबर अपराह्न से दक्षिणी विदर्भ और मराठवाड़ा से सटे इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। गढ़चिरौली, चंद्रपुर और यवतमाल जिलों में भारी वर्षा का अनुमान है, जबकि मराठवाड़ा और विदर्भ के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है।
मुंबई समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे घाट क्षेत्र, कोल्हापुर घाट क्षेत्र, सतारा घाट क्षेत्र, नांदेड़, लातूर और धाराशिव जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं और कटी हुई फसलों को बारिश व तेज हवाओं से बचाने के लिए उचित प्रबंध करें।
बाढ़ और फसल नुकसान की चिंता
दक्षिणी मराठवाड़ा, कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में स्थित बांधों में जल स्तर बढ़ने की चेतावनी दी गई है, जिससे नदियों और धाराओं में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। इस महीने महाराष्ट्र के 31 जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण अब तक 50 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि और खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। राज्य आपदा प्रबंधन कोष से 2215 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है, साथ ही केंद्र से अतिरिक्त धनराशि की मांग भी की गई है।
तेलंगाना में भी भारी बारिश से हालात गंभीर
तेलंगाना के कई हिस्सों और राजधानी हैदराबाद में भी भारी बारिश जारी है। मूसी नदी में जलप्रवाह तेज होने के कारण हिमायतसागर और उस्मानसागर जलाशयों के गेट खोल दिए गए हैं। इसके चलते शिवाजी ब्रिज और भू-लक्ष्मी मंदिर इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आईएमडी ने 27 सितंबर को तेलंगाना के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।



