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देशभर से विदा हुआ मानसून, इस साल 8% अधिक बरसी बारिश
चार महीने तक झमाझम बारिश से पूरे देश को राहत देने के बाद आखिरकार मानसून विदा हो गया। मौसम विभाग ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है।
अगले 24 घंटों का पूर्वानुमान
- अंडमान-निकोबार में मध्यम से भारी बारिश की संभावना।
- उत्तराखंड, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और कोंकण-गोवा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, मराठवाड़ा, केरल और लक्षद्वीप में हल्की वर्षा के आसार।
- दिल्ली-एनसीआर में भी मानसून विदाई के दौरान एक आखिरी फुहार संभव।
वज्रपात से जनहानि
- पूर्वांचल से शुरू हुई बारिश मंगलवार तक उत्तर प्रदेश के मध्य और पश्चिम हिस्सों तक पहुंच गई।
- बिजली गिरने से अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 14 मौतें कानपुर और आसपास के जिलों में हुईं।
- प्रयागराज, श्रावस्ती, हाथरस, अलीगढ़, बांदा, मथुरा और फिरोजाबाद में भी वज्रपात से मौतें दर्ज की गईं।
- संभल में एक स्कूल पर बिजली गिरने से छत ढह गई और 6 विद्यार्थी घायल हो गए।
इस साल की बारिश और आपदा
- इस साल 937.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य 868.6 मिमी मानी जाती है। यानी 8% अधिक।
- बारिश और आपदाओं से करीब 1500 लोगों की मौत हुई।
- 935 लोग बाढ़ और भारी बारिश में मारे गए।
- 570 लोग वज्रपात का शिकार हुए।
- पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में 20% कम बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग का बयान
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि इस साल देश ने बेहद सफल मानसून देखा। हालांकि, इसके दौरान बादल फटना, भूस्खलन और कीचड़ की बाढ़ जैसी आपदाओं ने भी चुनौतियां खड़ी कीं।



