👉 यह भी पढ़ें:
- केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी का विवादित बयान, कहा-सोनिया गांधी की रगों में इटैलियन खून
- वंदे मातरम विवाद पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, कहा-शर्म बची हो तो माफी मांग लें
- सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत, भाजपा ने लगाया वंदे मातरम् के अपमान का आरोप
- NEET पेपर लीक पर सोनिया गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं- ‘छात्रों की आवाज दबाने के बजाय जवाबदेही तय करे सरकार’
- रायबरेली में बोले राहुल गांधी-संविधान और गांधीजी की सोच मिटाना चाहते हैं पीएम मोदी, अंबानी और अडाणी का भी किया जिक्र
- कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किया केंद्र पर हमला, कहा-मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया
0:00 left
रायबरेली की जनता के नाम सोनिया की पाती

सोनिया गांधी ने रायबरेली की जनता के नाम चिट्ठी लिखी है इस चिट्ठी में उन्होंने रायबरेली की जनता का शुक्रिया अदा किया है. पत्र में उन्होंने बताया है कि सीट से उनका और उनके परिवार का रिश्ता कैसा रहा है.

सोनिया गांधी ने राज्यसभा चुनाव के लिए बुधवार को नामांकन पत्र दाखिल किया. इसके बाद सोनिया गांधी ने रायबरेली के नाम एक इमोशनल चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी के जरिए उन्होंने रायबरेली से हर वो बात कही है, जो वो कहना चाहती हैं. सोनिया गांधी ने इस चिट्ठी में लिखा, मेरा परिवार दिल्ली में अधूरा है. वह रायबरेली आकर-आप लोगों से मिलकर पूरा होता है. यह नेह-नाता बहुत पुराना है और अपनी ससुराल से मुझे सौभाग्य की तरह मिला है.

सोनिया गांधी ने पत्र में लिखा, रायबरेली के साथ हमारे परिवार के रिश्तों की जड़ें बहुत गहरी हैं. आजादी के बाद हुए पहले लोकसभा चुनाव में आपने मेरे ससुर फिरोज गांधी जी को यहां से जिताकर दिल्ली भेजा. उनके बाद मेरी सास इंदिरा गांधी जी को आपने अपना बना लिया. तब से आकर अब तक, यह सिलसिला जिंदगी के उतार-चढ़ाव और मुश्किल भरी राह पर प्यार और जोश के साथ आगे बढ़ता गया और इस पर हमारी आस्था मजबूत होती चली गई.

उन्होंने लिखा, सास और जीवनसाथी को हमेशा के लिए खोकर मैं आपके पास आई और आपने अपना आंचल मेरे लिए फैला दिया. पिछले दो चुनावों में विषम परिस्थितियों में भी आप एक चट्टान की तरह मेरे साथ खड़े रहे, मैं यह नहीं भूल सकती. यह कहते हुए मुझे गर्व है कि आज मैं जो कुछ भी हूं, आपकी बदौलत हूं और मैंने इस भरोसे को निभाने की हरदम कोशिश की है सोनिया गांधी ने अपने स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र का जिक्र करते हुए लिखा, अब स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र के चलते मैं अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ूंगी. इस निर्णय के बाद मुझे आपकी सीधी सेवा का अवसर नहीं मिलेगा, लेकिन यह तय है कि मेरा मन-प्राण हमेशा आपके पास रहेगा. मुझे पता है कि आप भी हर मुश्किल में मुझे और मेरे परिवार को वैसे ही संभाल लेंगे जैसे अब तक संभालते आए हैं. बड़ों को प्रणाम. छोटों को स्नेह, जल्द मिलने का वादा.



