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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दो दिनों से लाल टोपी पर राजनीति जारी है। यूपी के सीएम योगी ने गुरुवार को कानपुर की एक जनसभा में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि इनकी टोपी लाल है, लेकिन कारनामे काले हैं। इनका इतिहास काले कारनामों से भरा पड़ा है। योगी के इस बयान पर शुक्रवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि रंग अच्छा बुरा नहीं होता, नजरिया अच्छा बुरा होता है।
अखिलेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि उत्तर–रंगों का मन–मानस और मनोविज्ञान से गहरा नाता होता है। यदि कोई रंग किसी को विशेष रूप से प्रिय लगता है, तो इसके विशेष मनोवैज्ञानिक कारण होते हैं। यदि किसी रंग को देखकर कोई भड़कता है, तो उसके भी कुछ नकारात्मक मनोवैज्ञानिक कारण होते हैं। अखिलेश ने लिखा कि लाल रंग मिलन का प्रतीक होता है, जिनके जीवन में प्रेम–मिलन, मेल–मिलाप का अभाव होता है। वे अक्सर इस रंग के प्रति दुर्भावना रखते हैं। लाल रंग शक्ति का धारणीय रंग है, इसलिए कई पूजनीय शक्तियों से इस रंग का सकारात्मक संबंध है, लेकिन जिन्हें अपनी शक्ति ही सबसे बड़ी लगती है, वे लाल रंग को चुनौती मानते हैं।



