खालिस्तानी आतंकी पन्नू की नई साज़िश: पंजाब में पोस्टरबाज़ी और CM भगवंत मान को धमकी
पंजाब के जालंधर में खालिस्तानी गतिविधियों का नया खेल देखने को मिला है। प्रतिबंधित संगठन “सिख फॉर जस्टिस” के प्रमुख और आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक बार फिर खालिस्तान के समर्थन में पोस्टर लगवाए हैं।
नकोदर में चार जगहों पर खालिस्तानी पोस्टर स्टेट पब्लिक स्कूल, गुरु नानक नेशनल कॉलेज, डॉ. अंबेडकर चौक और आदर्श कॉलोनी में खालिस्तान के समर्थन में पोस्टर मिले हैं। इस घटना के बाद पंजाब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
CM भगवंत मान को सीधी धमकी
पन्नू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सीएम भगवंत मान को धमकी दी। उसने कहा कि “उनका राजनीतिक सफर खत्म होने जा रहा है और इसकी शुरुआत उनके गांव सतोज से होगी।” पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या का जिक्र करते हुए पन्नू ने संकेत दिए कि जो लोग पोस्टर लगा सकते हैं, वे हथियार भी उठा सकते हैं।
मोदी-ट्रंप मुलाकात के दौरान पन्नू की नई चाल
वीडियो में आतंकी पन्नू ने दावा किया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप से मिल रहे थे, उसी समय उसने पंजाब में खालिस्तानी पोस्टर लगवाए। यह संयोग मात्र नहीं बल्कि एक साज़िश है, ताकि पंजाब में अशांति फैलाई जा सके और भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदनाम किया जा सके।
खालिस्तानी एजेंडे के पीछे विदेशी ताकतें?
पन्नू कनाडा और अमेरिका में बैठकर भारत विरोधी साजिशें रच रहा है। खालिस्तानी संगठनों को पाकिस्तान की ISI से भी फंडिंग मिलने की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। क्या यह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का एक और चेहरा है?
पंजाब में अस्थिरता की नई साज़िश?
हाल ही में अमृतसर, लुधियाना और जालंधर में खालिस्तानी तत्वों की गतिविधियां बढ़ी हैं। बीते कुछ महीनों में खालिस्तानी आतंकवाद को दोबारा हवा देने की कोशिशें बढ़ी हैं। क्या पंजाब सरकार और केंद्र सरकार मिलकर इस खतरे को रोकने के लिए तैयार हैं?
अब सवाल यह है:
क्या भगवंत मान सरकार इस चुनौती का सामना कर पाएगी? क्या भारत सरकार खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी? क्या पंजाब में फिर से 80-90 के दशक जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश हो रही है?
यह मामला सिर्फ एक पोस्टर लगाने का नहीं, बल्कि पंजाब की सुरक्षा और भारत की अखंडता का है। अब देखना होगा कि सरकार इस आतंकी चुनौती का किस तरह जवाब देती है।
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