बुंदेलखंड क्षेत्र में नवरात्रि के पहले दिन से एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन शुरू हो रहा है। बाबा बागेश्वर की अगुवाई में निकली इस 500 किलोमीटर लंबी सनातन एकता रथ यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के अनुयायियों में एकता और हिंदू राष्ट्र के संकल्प को मजबूत करना है। यह यात्रा 11 अक्टूबर 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।
बागेश्वर धाम से शुरू हुई सनातन एकता रथ यात्रा
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस रथ यात्रा का नेतृत्व किया है। इस यात्रा का नाम ‘सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0’ रखा गया है। यात्रा भगवा रंग से सजे विशेष रथ (वैनिटी वैन) में निकाली जाएगी, जिसमें लिफ्ट भी लगी है ताकि बाबा बागेश्वर भक्तों से संवाद कर सकें।
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यात्रा का शुभारंभ नवरात्रि के पहले दिन 11 अक्टूबर से होगा और पांच दिनों तक चलेगी। यह धार्मिक संकल्प लोगों में जागरूकता और भाईचारे का संदेश फैलाने का माध्यम बनेगी।

रथ यात्रा का मार्ग और कवर किए जाने वाले जिले
यह सनातन एकता रथ यात्रा बुंदेलखंड क्षेत्र के पांच जिलों से होकर गुजरेगी। यात्रा का मार्ग बागेश्वर धाम से शुरू होकर बमीठा, छतरपुर, अजयगढ़, पन्ना, अमानगंज, पवई, हटा, दमोह, सागर, टीकमगढ़, जतारा, पलेरा और नौगांव होते हुए पुनः छतरपुर में समाप्त होगी।
मुख्य रूप से छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह और टीकमगढ़ जिले इस यात्रा के अंतर्गत आते हैं। इस मार्ग पर हर 20 किलोमीटर पर सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें हनुमान चालीसा का पाठ और सात वचनों की शपथ दिलाई जाएगी।
यात्रा का उद्देश्य और कार्यक्रम
इस सनातन एकता रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म के अनुयायियों में जात-पात से ऊपर उठकर एकता स्थापित करना है। साथ ही, यह यात्रा हिंदू राष्ट्र के संकल्प को मजबूत करने एवं राष्ट्रवाद की भावना को जागृत करने पर केंद्रित है।
यात्रा के दौरान राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। विभिन्न धार्मिक संत और कथावाचक भी इस यात्रा में भाग लेंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को धर्म और राष्ट्र के प्रति जागरूक किया जाएगा।

रथ की विशेष व्यवस्था और सुरक्षा के इंतजाम
रथ को भगवा रंग में सजाया गया है और इसमें बाबा बागेश्वर के लिए लिफ्ट भी लगाई गई है। यह सुविधा बाबा को श्रद्धालुओं से संवाद करने में मदद करेगी। रथ पर भगवान हनुमान के विशाल स्वरूप की आकृति भी दर्शायी गई है।
पुलिस प्रशासन ने यात्रा की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। लगभग 300 से 400 वाहनों के साथ यात्रा होगी, जिसके लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। महिला पुलिसकर्मी भी सुरक्षा में शामिल होंगी।
यात्रा में भागीदारी और जनजागरण की अपील
पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बुंदेलखंड और देश के सभी सनातन धर्मावलंबियों से इस सनातन एकता रथ यात्रा में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा विचारों की यात्रा है जो सनातन धर्म के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाएगी।
यात्रा में शामिल संतों में वृंदावन के इंद्रेश महाराज, अयोध्या के राजू दास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज समेत कई प्रमुख धर्मगुरु शामिल होंगे। इस पहल से हिंदू राष्ट्र के लिए जनजागरण की उम्मीद जताई जा रही है।
सनातन एकता रथ यात्रा का संभावित प्रभाव
यह सनातन एकता रथ यात्रा धार्मिक और सामाजिक स्तर पर एक नई ऊर्जा का संचार करेगी। यह बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों को धर्म और राष्ट्र के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द्र और एकता की मिसाल पेश करेगी।
आम जनता के लिए यह यात्रा अपने सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों को समझने का अवसर है। इससे स्थानीय समुदायों में भाईचारे और सहिष्णुता की भावना मजबूत होगी।



