मंत्रीजी, सबको पता है दिग्विजय सिंह और आपकी ‘जुगलबंदी’, सवाल यह है कि भाजपा के मुख्यमंत्रियों से आपकी क्यों नहीं बनती?

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

इंदौर। मध्यप्रदेश सरकार के सबसे बड़बोले मंत्री की खासियत यह है कि वे अपनी वाणी पर कंट्रोल नहीं रख पाते। इसका उदाहरण विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान साफ दिखा। पहले तो उन्होंने सीएम के सूट-बूट पर टिप्पणी कर डाली। इसके बाद सदन में अपने पुराने ‘पार्टनर’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की तारीफ में कसीदे पढ़ डाले।

विधानसभा में विजयवर्गीय ने कहा कि वर्ष 1993 से 2003 तक मुख्यमंत्री के रूप में दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में राज्य के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट, बांध सागर परियोजना को गति देना तथा कोलार जल परियोजना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में आईआईएम की स्थापना के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने विशेष प्रयास किए। इसी का परिणाम रहा कि इंदौर में आईआईएम और आईआईटी दोनों संस्थान स्थापित हुए। इंदौर देश का पहला ऐसा शहर है, जहां आईआईएम और आईआईटी दोनों मौजूद हैं, जिसमें अर्जुन सिंह, दिग्विजय सिंह तथा तत्कालीन नेतृत्व का बड़ा योगदान रहा।

👉 यह भी पढ़ें:

गुरु बताने से भी नहीं चूके विजयवर्गीय

विजयवर्गीय ने सदन में यह भी कहा कि राजनीतिक सौजन्यता और मानवीय संवेदनाओं का पाठ उन्होंने दिग्विजय सिंह से सीखा है। उन्होंने एक व्यक्तिगत प्रसंग साझा करते हुए बताया कि जब उनके जबलपुर के कार्यकर्ता ओमकार तिवारी को अचानक स्वास्थ्य संकट आया, तब दिग्विजय सिंह ने तत्काल हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कर उन्हें दिल्ली भिजवाया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह का यह स्वभाव रहा है कि चाहे समर्थक हो या राजनीतिक विरोधी, यदि कोई सहायता के लिए उनके पास पहुंचे तो वे बिना भेदभाव मदद करते थे।

दिग्गी के राज में सबसे मजे में रहे विजयवर्गीय

इंदौर ही नहीं पूरे मध्यप्रदेश को पता है कि जब दिग्विजय सिंह सीएम थे, तब विजयवर्गीय की उनके साथ कैसी बनती थी। इसी दौरान विजयवर्गीय इंदौर के महापौर बन गए और फिर क्या था दोनों की जुगलबंदी जम गई। दिग्गी जब भी इंदौर आते, भाजपा में रहते हुए भी दिग्विजय उनके स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ते। उस समय भाजपा में विजयवर्गीय की जादूगरी की चर्चा होती कि किस तरह दिग्गी को वश में कर रखा है। अब अंदर ही अंदर क्या समझौता हुआ था या कौन सी खिचड़ी पकी थी, किसको पता?

भाजपा के किसी सीएम से नहीं बनी

यह तो सबको पता है कि विजयवर्गीय की भाजपा के किसी भी सीएम से नहीं बनी। हां, शुरू में उमा भारती से जरूर बनी थी। बाबूलाल गौर को विजयवर्गीय ने सीएम माना ही नहीं। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के साथ उनके कैसे संबंध संबंध, रहे यह सबको पता है और वर्तमान में डॉ.मोहन यादव से उनके संबंधों की जानकारी तो दिल्ली तक को है। ऐसे में सबको इस बात का पर आश्चर्य होता है कि आखिरी विरोधी दल के सीएम से मित्रवत संबंध निभाने वाले विजयवर्गीय की अपने ही दल के मुख्यमंत्रियों से क्यों नहीं बनी?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

प्रभास की ‘स्पिरिट’ दिवाली 2027 में रिलीज, रणबीर की ‘रामायण 2’ से होगी टक्कर

प्रभास की 'स्पिरिट' की नई रिलीज डेट दिवाली 2027 तय हुई है। यह फिल्म रणबीर कपूर की 'रामायण: पार्ट 2' से टकराएगी। उत्साह और टकराव दोनों हैं।

राहुल गांधी बोले- मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को न्याय का सामना करना होगा

राहुल गांधी ने गोवा में मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को वोट चोरी के लिए न्याय के सामने आने की चेतावनी दी। उन्होंने कांग्रेस को संविधान का रक्षक बताया।

इंदौर की सिसासत में अब ‘पंच’ की एंट्री, सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में दिखे नए राजनीतिक समीकरण

इंदौर में सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा ने नए राजनीतिक समीकरण बनाए हैं। भाजपा के अंदर पंच की ताकत बढ़ती दिख रही है।

IIT BHU में खुल रहा देश का पहला ‘स्कूल ऑफ फिजिकल AI’, बनेगी रोबोट मशीनें

IIT BHU में स्कूल ऑफ फिजिकल AI खुल रहा है। यह स्कूल AI आधारित रोबोटिक्स और स्मार्ट मशीनों के विकास पर केंद्रित होगा। 2027 से बी.टेक शुरू होगा।

कोलकाता भगदड़: शुभेंदु अधिकारी ने हाई-लेवल जांच कमेटी का गठन किया

कोलकाता भगदड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सुरक्षा समीक्षा के लिए हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई है। इस कमेटी का नेतृत्व राजेश सिन्हा कर रहे हैं।

माजलगांव में एसटी बस से कार टकराई, 5 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत

माजलगांव में एसटी बस से कार टकराई, जिसमें पांच श्रद्धालुओं की मौत हुई। सड़क की खराब स्थिति को हादसे का कारण माना जा रहा है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग, दिल्ली में प्रदर्शन तेज हुए

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। परिजन और विपक्ष ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग की।

अपमान का घूंट पीकर भी सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में पहुंचे विजयवर्गीय, सीएम के आने से पहले ही मार गए कलटी!

सुदर्शन गुप्ता की चुनरी यात्रा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी सीमित रही। सीएम के आने से पहले ही विजयवर्गीय मंच से चले गए।

मणिपुर में कुकी समुदाय के घरों में आगजनी और फायरिंग की घटनाएं

मणिपुर में कुकी समुदाय के घरों में आगजनी और गोलीबारी से 15 घर जल गए। कामजोंग जिले में हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत और कई घायल।

CJP प्रोटेस्ट में लगे ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ के नारे, 300 लोगों पर FIR

गोवा में CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदुत्व मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। 300 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।