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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प प्रस्तुत किया। इस पर सात घंटे चर्चा की जाएगी। वहीं कांग्रेस ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय यहां भी नहीं चूके और सीएम के सूट-बूट पर टिप्पणी की।
मंत्री विजयवर्गीय ने सूट–बूट पहनकर सदन में आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री सूट–बूट में आ गए हैं और हम मंत्री–विधायक लोग गरीबों जैसी वेश–भूषा में हैं। विजयवर्गीय की इस बात पर सदन में ठहाके लगे। विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि, दिल की बात जुबां पर आ गई। कहीं न कहीं यह पीड़ा है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्री–विधायकों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। आज तो विजयवर्गीय ने सदन में यह कह ही दिया।
सीएम ने दी भविष्य के कामों की जानकारी
मध्यप्रदेश विधानसभा ने अपनी स्थापना के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर बुधवार विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। सदन में चर्चा की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार के किए गए कामों और योजनाओं के जरिए आगामी समय में किए जाने वाले कामों के बारे में जानकारी दी।
सिंघार बोले-बस नीयत होनी चाहिए
चर्चा की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नेता भी है, नीति भी है, बस नीयत होनी चाहिए। सिर्फ घोषणाओं से काम नहीं चलेगा। सिंघार ने स्पष्ट किया कि 2047 से पहले हमें 2026 की गारंटी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि अपनी घोषणाओं को पूरा करने की गारंटी दीजिए। यदि विधानसभा सत्र की लाइव टेलीकास्ट होती तो आज प्रदेश की पूरी जनता इसे देख रही होती। विधानसभा का सत्र लंबा चले यह जरूरी होता है। जनता के बहुत सारे सवाल होते हैं।
मनरेगा का नाम बदलने पर हंगामा
सत्र की शुरुआत से पहले ही मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, एक तरफ मोदी, गांधी के चरखे चलाने की बात करते हैं। दूसरी तरफ महात्मा गांधी के नाम पर जो मनरेगा योजना थी, उस योजना में पैसा डालना बंद कर दिया। अब योजना का नाम बदलना चाहते हैं। क्या इन्हें बापू से डर लगता है?
राज्यपाल ने प्रदर्शनी का किया उद्घाटन
विधानसभा परिसर में विधानसभा की सात दशक की यात्रा विषय पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने किया। यह प्रदर्शनी विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा, महत्वपूर्ण उपलब्धियों और विभिन्न कालखंडों के संसदीय कार्यों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करती है। प्रदर्शनी में प्रथम विधानसभा से लेकर वर्तमान 16वीं विधानसभा तक के अहम क्षणों को दर्शाया गया है।



