भाजयुमो में नियुक्ति के पहले ही भारी खींचतान, प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर को इंदौर आने नहीं दे रहे नेता, बार-बार टल रहा है दौरा

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इंदौर। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर का इंदौर दौरा एक बार फिर निरस्त हो गया है। इसका कारण इंदौर में भाजयुमो के अंदर की खींचतान है। अध्यक्ष पद की दावेदारों और उनके आकाओं की लड़ाई में अब तक न तो इंदौर में नियुक्ति हुई और न ही प्रदेश अध्यक्ष का दौरा ही हो पाया है।

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के इंदौर आने का कार्यक्रम बना था। स्वागत की तैयारियां होने लगी थीं। अध्यक्ष पद के सारे दावेदार पूरी ताकत से जुट गए थे, लेकिन उसी समय इंदौर में भागीरथपुरा कांड चल रहा था। वरिष्ठ नेताओं ने समझाया कि ऐसे समय में अगर इंदौर में कोई रैली निकलती है या स्वागत-सत्कार होता है तो बहुत ही खराब मैसेज जाएगा। इसके बाद श्याम टेलर का दौरा टल गया।

इस बार राजनीति में उलझा दिया

इसके बाद श्याम टेलर का एक और दौरा तय हुआ। वे महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस पर निकाली गई मशाल यात्रा में शामिल होने इंदौर आने वाले थे। इसमें ऐसी राजनीति शुरू हुई और बड़े नेताओं के इतने कान भरे गए कि टेलर का यह दौरा भी निरस्त हो गया।

अलग से रैली निकाले की थी तैयारी

बताया जाता है कि जैसे ही इंदौर के मोर्चा नेताओं को श्याम टेलर के आगमन की सूचना लगी, वे अलग से रैली निकालने की तैयारी में जुट गए। बड़ा गणपति से गंगवाल बस स्टैंड तक निकलने वाली रैली की तैयारियों जोर शोर से शुरू हो गई। दावेदारों ने शहर में होर्डिंग लगाना शुरू कर दिए। धीरज ठाकुर, निक्की राय, नयन दुबे, रोहित चौधरी, मयूरेश पिंगले, अक्षत चौधरी आदि ने शहर को होर्डिंग से पाटने की तैयारी कर ली। लेकिन, यह रैली निरस्त कर दी गई। बताया जाता है कि बड़े नेताओं ने इंदौर में हाल ही में हुए अग्निकांड में आठ मौतों का हवाला देकर इसे निरस्त कराया।

महापौर समर्थक को फायदा न मिले

बताया जाता है कि रैली निरस्त होने के बाद भी श्याम टेलर महापौर की मशाल यात्रा में आ रहे थे, लेकिन इस बीच जमकर राजनीति शुरू हो गई। दरअसल महापौर समर्थक नयन दुबे भी भाजयुमो अध्यक्ष पद की रेस में हैं। अन्य दावेदारों को लगा कि अगर श्याम टेलर महापौर की मशाल यात्रा में आ गए तो नयन दुबे कहीं महफिल न लूट ले जाएं। इसके बाद सभी दावेदार अपने आकाओं के माध्यम से पूरी ताकत से मशाल यात्रा में आने का कार्यक्रम भी रद्द करवाने में जुट गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक कई तरह के संदेश पहुंचाए गए, जिससे टेलर का मशाल यात्रा में आना भी निरस्त हो गया।

अगर ऐसा ही चलता रहा तो कैसे चलेगा संगठन

भाजपा के कई नेता यह सवाल उठा रहे हैं कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो भाजयुमो का संगठन कैसे चलेगा? श्याम टेलर को अपने स्तर पर भी फैसला लेना होगा, लेकिन वे तो खुद ही पार्टी की अंदरूनी राजनीति के शिकार हो रहे हैं। इसका असर जिलों की नियुक्तियों पर भी दिखेगा। इंदौर में अक्षत चौधरी जैसे कई नवधनाढ्य इस पद पर नजर गड़ा कर बैठे हुए हैं। प्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति भी ऐसी ही है, ऐसे में श्याम टेलर अपने स्तर पर कैसे फैसले ले पाएंगे?

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

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