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इंदौर। पिछले दिनों इंदौर के राजवाड़ा में मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक थी। बैठक से एक दिन पहले सीएम डॉ.मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ इंदौर की सराफा चौपाटी पहुंचे थे। इसी दौरान का एक फोटो सोशल मीडिया पर कांग्रेस की तरफ से खूब चलाया गया। इसमें एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह मोबाइल से फोटो खींचते नजर आ रहे थे। कांग्रेस ने उड़ा दी कि देखो-पुलिस अफसर फोटो खींचने में व्यस्त है।
अब जो लोग उस समय सराफा में थे, सबको पता है कि एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह क्या कर रहे थे। दरअसल हुआ यह था कि जब सीएम यादव एक कुल्फी वाले के पास कुल्फी खाने पहुंचे तो उसने फोटो खिंचवाने के लिए अपना मोबाइल सीएम को पकड़ा दिया। अमित सिंह ने जब ऐसा देखा तो तुरंत सीएम के हाथ से मोबाइल लेकर खुद ही फोटो खींचने लगे। बस वाक्या इतना सा ही है। इसके बाद जैसे ही विभिन्न माध्यमों से इसके फोटो जारी हुए, कांग्रेस को बैठे-ठाले मौका मिल गए।
राजवाड़ा में हुई कैबिनेट बैठक पर आग-बबूला कांग्रेस ने इस फोटो का भरपूर फायदा उठाया। कांग्रेस नेताओं ने एक पुलिस अफसर द्वारा सीएम के फोटो खींचने पर खूब सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर दो-तीन दिन तक मामला गरमाता रहा, लेकिन कांग्रेस ने इस फोटो की हकीकत जानने की कोशिश नही की। हालांकि, कांग्रेस के इस बयानबाजी का कोई असर नहीं हुआ है, लेकिन एक ईमानदार पुलिस अफसर को जरूर अनावश्यक रूप से घेरने की कोशिश हुई है।



