श्रीनगर में चिनाब नदी पर 1856 मेगावाट सावलकोट जलविद्युत परियोजना को मिली मंज़ूरी, 65 साल पुरानी योजना को मिला नया जीवन
एनएचपीसी ने आमंत्रित की निविदाएं
श्रीनगर के पास चिनाब नदी पर प्रस्तावित 1856 मेगावाट क्षमता की सावलकोट जलविद्युत परियोजना को आगे बढ़ाते हुए अब इसके लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। यह परियोजना 65 वर्षों से लंबित एक महत्वाकांक्षी योजना का साकार रूप मानी जा रही है।
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रामबन जिले के सिडू गांव में बनेगा पावर प्रोजेक्ट
पर्यावरण मंत्रालय से आवश्यक मंज़ूरी मिलने के बाद यह परियोजना जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के सिडू गांव के पास चिनाब नदी पर बनाई जाएगी। इस परियोजना को राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (NHPC) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ विकास की नई संभावनाएं जुड़ रही हैं।
1960 में हुई थी पहली बार परिकल्पना
इस परियोजना की योजना सबसे पहले 1960 में बनाई गई थी, लेकिन पाकिस्तान की आपत्तियों, स्थानीय भौगोलिक स्थितियों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते यह लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रही। हाल ही में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा वनीय भूमि उपयोग की अनुमति मिलने से इसे गति मिली है।
सिंधु जलसंधि स्थगन के बाद बढ़ी उम्मीदें
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जलसंधि को स्थगित कर दिया था। इसके बाद चिनाब नदी पर प्रस्तावित जलविद्युत परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने की दिशा में प्रयास तेज़ हो गए हैं। सावलकोट परियोजना इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
सावलकोट परियोजना न केवल जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत उत्पादन को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखती है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और रणनीतिक जवाबदेही की दिशा में भी एक अहम पहल बन सकती है।



