भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार की मांग को लेकर दोनों देशों के नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक खुला पत्र लिखा है। लेकिन इसी बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बिना नाम लिए कड़ी फटकार लगाई।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म, रंग या श्रेणी नहीं होती। उन्होंने दुनिया से दोहरे मानदंड छोड़कर आतंकवादियों, उनके फंडिंग नेटवर्क और उन्हें संरक्षण देने वाले देशों के खिलाफ समान और सख्त कार्रवाई की अपील की।
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भारत ने जोर देकर कहा कि केवल आतंकवाद की निंदा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके योजनाकारों, फंडिंग करने वालों और प्रायोजकों को कानून के दायरे में लाना ही वैश्विक प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सीमा पार आतंकवाद और आधुनिक तकनीकों के जरिए आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ रही है।
UNGA में भारत ने चेतावनी दी कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय “अच्छे” और “बुरे” आतंकवाद जैसी सोच से बाहर नहीं निकला, तो आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई कमजोर पड़ती जाएगी। भारत ने यह भी कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करना, आतंकियों की फंडिंग रोकना और Financial Action Task Force (FATF) के नियमों को सख्ती से लागू करना बेहद जरूरी है।
AI, ड्रोन और डार्क वेब बन रहे आतंकवाद के नए हथियार
पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र को आगाह किया कि आतंकवादी संगठन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीपफेक, ड्रोन, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन, सोशल मीडिया, मैपिंग ऐप्स और डार्क वेब जैसी आधुनिक तकनीकों का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और विश्वसनीय डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है, ताकि इन तकनीकों का दुरुपयोग रोका जा सके।
भारत ने दोहराया कि दुनिया के किसी भी हिस्से को आतंकवाद के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने दिया जाना चाहिए और आतंक के खिलाफ वैश्विक एकजुटता ही इसका सबसे प्रभावी समाधान है।
आपकी राय क्या है? क्या संयुक्त राष्ट्र को आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए? क्या AI और डार्क वेब भविष्य में आतंकवाद की सबसे बड़ी चुनौती बन सकते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।



