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ढेंकनाल। ओडिशा के ढेंकनाल में एक पत्थर खदान में धमाके से चार मजदूरों की मौत हो गई है और कई गंभीर रूप से घायल हैं। मजदूरों को बचाने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। ढेंकनाल के गोपालपुर में अवैध पत्थर खदान में यह धमाका हुआ। अभी तक सरकारी अधिकारियों की तरफ से इसे लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
हादसा शनिवार देर रात का है। जैसे ही घटना के बारे में जानकारी हुई, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर वहां लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। अभी राहत और बचाव अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि खदान में कितने मजदूर फंसे हैं और उनकी क्या स्थिति है। शुरुआती जांच में पता चला है कि खदान में विस्फोट करने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी और अवैध रूप से खनन किया जा रहा था। स्थानीय अग्निशमन दल, ओडिशा आपदा प्रबंधन दल की टीमों के साथ ही डॉग स्कवायड और विभिन्न उपकरणों के साथ बचाव दल खदान में फंसे मजदूरों को निकालने में जुटा है। ढेंकनाल के जिलाधिकारी और एसपी भी मौके पर मौजूद हैं।
विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जांच की मांग की है। उन्होंने लिखा कि ढेंकनाल में एक पत्थर खदान में धमाके के चलते मजदूरों के फंसने से दुखी हूं। पता चला है कि हादसे में मजदूरों की मौत हुई है। इस दुख की घड़ी में मैं पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं और हादसे में मारे गए लोगों के आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं।
अवैध रूप से किया जा रहा था खनन
तहसीलदार और मोटांगा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर–इन–चार्ज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए पूरी रात मौके पर मौजूद रहे। दावा किया गया है कि धमाके के बाद खदान के अंदर मिट्टी का एक हिस्सा ढह गया था। ढेंकनाल जिला खनन कार्यालय ने पहले 8 सितंबर, 2025 को ब्लास्टिंग की अनुमति न होने का हवाला देते हुए पट्टेदार को बंद करने का निर्देश जारी किया था। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करते हुए साइट पर ब्लास्टिंग जारी रही।



