टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल को चुनाव आयोग की चेतावनी-चुनाव से जुड़े किसी कर्मचारी को धमकाया तो बर्दाश्त नहीं करेंगे

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नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की। इसके बाद आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई अहम निर्देश और कड़े संदेश दिए हैं। आयोग ने साफ किया कि चुनावी व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की बाधा या दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

चुनाव आयोग ने ममता सरकार से कहा कि आयोग की ओर से स्वीकृत बढ़ा हुआ मानदेय सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी बीएलओ को तत्काल जारी किया जाए।आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि चुनावी कार्य में लगे कर्मचारियों को समय पर उनका अधिकार मिलना चाहिए, ताकि मतदाता सूची और अन्य चुनावी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें। चुनाव आयोग ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हाई–राइज इमारतों, गेटेड कम्युनिटीज और स्लम इलाकों में भी मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। आयोग का मानना है कि इससे अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी और मतदान प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिलेगी।

चुनाव आयोग ने टीएमसी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी यह सुनिश्चित करे कि उसके जमीनी स्तर के राजनीतिक प्रतिनिधि या कार्यकर्ता चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी कर्मचारी को धमकाने या डराने में शामिल न हों। आयोग ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी चुनावी कर्मी के साथ डराने–धमकाने की घटना को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वाले किसी भी शरारती तत्व के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अभिषेक बनर्जी ने उठाए कई सवाल

बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की चुनाव आयोग के साथ एसआईआर के मुद्दे पर ढाई घंटे बैठक हुई। इस दौरान केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली बार जो पांच सवाल पूछे थे, उनका जवाब नहीं मिला है। दो तीन मुद्दों को छोड़कर किसी का जवाब नहीं मिला। 1 करोड़ 36 लाख लोगों का नाम संदेह में है, हमने उसको लेकर सवाल पूछा, लेकिन उसकी लिस्ट अब तक नहीं दी गई।

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