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अरविंद केजरीवाल का आरोप: दिल्ली की बिजली कंपनियों को अदानी को सौंपने का दबाव था
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में दावा किया कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए उन पर दिल्ली की बिजली कंपनियों को अदानी समूह को सौंपने का दबाव डाला गया था।उन्होंने कहा, 2021 में अदानी समूह 2 रुपये 83 पैसे प्रति यूनिट बिजली देता था, जो 2022 में बढ़कर 8 रुपये 83 पैसे हो गई। यह चार गुना बढ़ोतरी बीजेपी सरकार और अदानी समूह की मिलीभगत के कारण हुई।

केजरीवाल ने चेताया कि यदि उन्होंने दिल्ली की बिजली कंपनियां अदानी समूह को सौंप दी होती, तो बिजली दरें इतनी बढ़ जातीं कि न तो दिल्ली सरकार सब्सिडी दे पाती और न ही आम जनता बिजली का बिल चुका पाती।उन्होंने इसे अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश से जोड़ा और चुनौती दी कि बीजेपी चुनाव से पहले स्पष्ट घोषणा करे कि वे दिल्ली की बिजली कंपनियां अदानी समूह को नहीं सौंपेंगे।यह बयान ऐसे समय पर आया है जब गौतम अदानी, उनके भतीजे सागर अदानी, और अन्य के खिलाफ अमेरिका में धोखाधड़ी के आरोपों पर मामला दर्ज किया गया है।
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