एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए जरूरी बदलावों में सबसे अहम है बायोमेट्रिक ई-केवाईसी का अनिवार्य होना, जिससे अब कुछ ग्राहकों को कमर्शियल रेट गैस सिलिंडर ही मिलेगा। यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया है।
बायोमेट्रिक ई-केवाईसी अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर अनिवार्य
सरकार ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी पाने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) को जरूरी कर दिया है। इसका मकसद फर्जी या डुप्लीकेट कनेक्शन को रोकना और वास्तविक उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाना है। 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर पर सब्सिडी तभी मिलेगी जब ग्राहक ने निर्धारित समय सीमा तक अपना ई-केवाईसी पूरा कर लिया हो।
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अगर कोई उपभोक्ता 30 सितंबर 2026 तक ई-केवाईसी नहीं करवाता है, तो उसे अब कमर्शियल रेट पर गैस सिलिंडर खरीदना होगा। यह बदलाव एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उनकी गैस की लागत पर असर पड़ेगा।

कमर्शियल रेट पर गैस सिलिंडर का नया नियम
जो उपभोक्ता बायोमेट्रिक ई-केवाईसी नहीं कराएंगे, उन्हें घरेलू सिलेंडर की बजाय कमर्शियल या मार्केट रेट पर गैस सिलिंडर खरीदना होगा। कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें घरेलू सिलेंडर से कई गुना अधिक हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹942 है, जबकि कमर्शियल 19 किलो सिलेंडर की कीमत ₹2,810 हो गई है।
इसका मतलब है कि बिना ई-केवाईसी वाले ग्राहकों के लिए गैस महंगी पड़ जाएगी। हालांकि, गैस की सप्लाई बंद नहीं होगी, पर उन्हें ज्यादा खर्च करना होगा।
ई-केवाईसी कराने के विविध विकल्प उपलब्ध
उपभोक्ता बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कई तरीकों से करवा सकते हैं। वे अपने गैस एजेंसी के शोरूम पर जाकर प्रमाणीकरण करा सकते हैं, या सिलेंडर डिलीवरी के वक्त डिलीवरी कर्मचारी की मदद ले सकते हैं।
इसके अलावा, तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप्स जैसे IndianOil ONE, HelloBPCL या HP PAY के माध्यम से भी ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है। यह प्रक्रिया सरल और सुरक्षित है, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता इस जरूरी कदम को पूरा कर सकेंगे।

देशभर में अधिकांश उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी पूरी कर ली
पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश के 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं में से लगभग 89.9% ने 19 सितंबर 2026 तक अपना बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरा कर लिया है। यह दर्शाता है कि अधिकांश लोग नए नियमों के प्रति जागरूक हैं।
फिर भी, लगभग 3.07 करोड़ उपभोक्ता अब भी ई-केवाईसी नहीं करवा पाए हैं। ऐसे ग्राहकों को जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी अन्यथा उन्हें महंगा सिलिंडर खरीदना पड़ेगा।
सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी में नए नियम लागू
सरकार ने सिलेंडर बुकिंग की अवधि 45 से घटाकर 25 दिन कर दी है, जो अब पूरे देश में लागू होगी। साथ ही, सिलेंडर डिलीवरी के समय ग्राहक के मोबाइल नंबर पर भेजा गया ओटीपी बताना अनिवार्य होगा।
इससे फर्जी बुकिंग और गैर-पंजीकृत डिलीवरी पर नियंत्रण होगा। यह नया नियम उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षा और पारदर्शिता प्रदान करेगा।
सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत स्थिर, कमर्शियल सिलेंडर महंगा
1 अक्टूबर 2026 से घरेलू 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में ₹942 ही रहेगी। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹62.50 से ₹71.50 तक की बढ़ोतरी हुई है।
इस बदलाव का उद्देश्य कमर्शियल सिलेंडरों के दामों को बाजार के अनुरूप करना और घरेलू उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ सुनिश्चित करना है। इसलिए, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी जरूरी हो गया है।
इस प्रकार, एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए यह बदलाव न केवल जरूरी है बल्कि उनकी जेब पर भी सीधा असर डालने वाला है। जो ग्राहक नए नियमों का पालन करेंगे, उन्हें घरेलू रेट पर गैस मिलती रहेगी, जबकि बाकी को महंगा कमर्शियल रेट चुकाना होगा। इसलिए सभी उपभोक्ताओं को समय रहते ई-केवाईसी पूरा कर लेना चाहिए।



