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गंभीर का रहस्यमयी ट्वीट: क्या टीम इंडिया के कोच के हाथ में नहीं है पूरी ताकत?
नागपुर में पहले टी20 में न्यूज़ीलैंड पर भारत की 48 रन की शानदार जीत के बावजूद चर्चा का केंद्र टीम का प्रदर्शन नहीं, बल्कि कोच गौतम गंभीर का एक ट्वीट बन गया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर की प्रशंसा के जवाब में दिए गए गंभीर के बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है—क्या भारतीय टीम के कोच के पास वाकई ‘अनलिमिटेड अथॉरिटी’ होती है?
दरअसल, मैच से एक दिन पहले शशि थरूर ने नागपुर में गौतम गंभीर से मुलाकात के बाद एक भावनात्मक और प्रशंसात्मक ट्वीट किया था। थरूर ने लिखा था कि उनके पुराने दोस्त गंभीर से खुलकर बातचीत हुई और उनका मानना है कि प्रधानमंत्री के बाद भारत में सबसे मुश्किल काम भारतीय क्रिकेट टीम का कोच होना है। उन्होंने गंभीर के शांत स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और दबाव में भी बिना डरे काम करने की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी थीं।
थरूर के इसी ट्वीट के जवाब में गौतम गंभीर ने बुधवार देर रात एक ऐसा बयान दिया, जिसने विवाद को जन्म दे दिया। गंभीर ने लिखा,
“जब हलचल शांत होगी, तब इस बात की सच्चाई और तर्क सामने आएगा कि कोच की ‘अनलिमिटेड अथॉरिटी’ वाली बात कितनी सही है। तब तक मैं इस बात पर थोड़ा हैरान हूं कि मुझे अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, जबकि वे सबसे बेहतरीन हैं!”
गंभीर ने अपने ट्वीट में किसी व्यक्ति या संस्था का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके शब्दों ने कई सवाल खड़े कर दिए। क्या वह चयन समिति से असहमति जता रहे हैं? या फिर आलोचकों को जवाब दे रहे हैं? या टीम प्रबंधन के भीतर किसी दबाव की ओर इशारा कर रहे हैं?
नाम न लेने की वजह से यह विवाद फिलहाल खुला और अस्पष्ट बना हुआ है, लेकिन इतना तय है कि गंभीर के इस रहस्यमयी ट्वीट ने भारतीय क्रिकेट में कोच की भूमिका और उसके अधिकारों पर एक नई बहस छेड़ दी है।



