सौर रेडिएशन का असर: एयरबस ने जारी किया मेगा सॉफ्टवेयर अपडेट, दुनियाभर में हजारों उड़ानें प्रभावित
विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने अपने हजारों विमानों के लिए बड़ा सॉफ़्टवेयर अपडेट जारी किया है। इसकी वजह सूरज से आने वाला तेज रेडिएशन है, जो फ़्लाइट कंट्रोल से जुड़े अहम डेटा को करप्ट कर सकता है। माना जा रहा है कि इसका असर दुनिया भर के लगभग 6,000 विमानों पर पड़ेगा।
👉 यह भी पढ़ें:
- 30 साल बाद यूरोप में अद्भुत सूर्य ग्रहण:आसमान में दिखा ऐसा नजारा, थम गईं निगाहें
- Maharashtra Rain Alert: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे मिसिंग लिंक फिर खुला, भारी बारिश से मुंबई, पुणे और लोकल ट्रेन-फ्लाइट सेवाएं प्रभावित
- World Bank Report: दुनिया के 65.5 करोड़ लोग अब भी बिजली से वंचित, 200 करोड़ लोगों के पास स्वच्छ खाना पकाने की सुविधा नहीं
- Iran-US Deal का बड़ा असर! अमेरिका ने हटाई ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी
- India-Russia Defence Deal: भारत के लिए रूस का मेगा डिफेंस प्रस्ताव, दुनिया भर में बढ़ी चर्चा
- मध्य पूर्व तनाव का असर: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8 अरब डॉलर से ज्यादा घटा

अमेरिकन एयरलाइंस, डेल्टा, एयर इंडिया, विज एयर सहित कई ग्लोबल एयरलाइन ने पुष्टि की है कि इस अपडेट की वजह से उनकी सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं।
एयर इंडिया ने निर्धारित ऑपरेशन में देरी को लेकर ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि उसके ए320 फ्लीट के एक हिस्से में सॉफ़्टवेयर/हार्डवेयर री-अलाइनमेंट किया जा रहा है, जिससे टर्नअराउंड टाइम बढ़ सकता है।
इंडिगो ने भी बताया कि वह एयरबस की ग्लोबल तकनीकी सलाह के अनुसार सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ आवश्यक अपडेट कर रही है। एयरलाइन ने कुछ उड़ानों के शेड्यूल में मामूली बदलाव की जानकारी दी है और यात्रियों से ऐप या वेबसाइट पर फ़्लाइट स्टेटस चेक करने की अपील की है। सहायता के लिए नंबर भी जारी किए गए हैं: 011-69329333, 011-69329999।
दूसरी ओर, ईज़ीजेट ने कहा है कि उसने जरूरी अपडेट पूरा कर लिया है और उसकी सभी उड़ानें शनिवार को सामान्य रहेंगी।
लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट कहता है कि उसके संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जबकि गैटविक ने कुछ दिक्कतों की संभावना जताई है।
ब्रिटेन सरकार ने बताया कि ब्रिटिश एयरलाइंस पर इसका प्रभाव सीमित दिख रहा है और यात्रियों से एयरलाइनों से सीधे संपर्क में रहने की सलाह दी है।



