ट्रंप प्रशासन का बड़ा कदम: H-1B और H-4 वीजा नियम सख्त, 15 दिसंबर से सोशल मीडिया अकाउंट पब्लिक करना होगा अनिवार्य
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने अपने ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे के तहत इमिग्रेशन नियमों को और कड़ा कर दिया है। व्हाइट हाउस ने साफ कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब काम से जुड़े वीज़ा नियमों को और सख्त बनाते हुए जांच प्रक्रिया को भी मजबूत कर रहे हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- चार महीने पहले मिल चुका था अवैध शराब नेटवर्क का सुराग, सागर में मौतों का होता रहा इंतजार!
- Arvind Kejriwal :अमेरिकी बिल पर अरविंद केजरीवाल का पीएम पर निशाना, कहा-ट्रंप जो कहते हैं, मोदी मान लेते हैं
- पेपर लीक पर सरकार का बड़ा कदम, कानून और सख्त करने की तैयारी
- भूमाफियाओं के खिलाफ एक्शन में प्रशासन, 40 करोड़ की सरकारी भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाने वाले के खिलाफ केस दर्ज
- ईरान का अमेरिका पर बड़ा हमला: जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापता; ट्रंप ने फिर बरसाए बम
- US-Iran Tension: ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का बड़ा ऐलान! ‘अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं’, युद्ध की तैयारी का दावा
15 दिसंबर से लागू होंगे नए नियम
नई नीति के तहत H-1B वीजा और उनके परिवार (H-4) के आवेदकों की सख्त जांच की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब सभी वीजा आवेदकों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स ‘पब्लिक’ करना अनिवार्य होगा, ताकि अधिकारी उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की गहन जांच कर सकें।
अमेरिकी विदेश विभाग का बयान
अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि वीजा “कोई अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विशेष अनुमति” है। इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे वीजा देने से पहले आवेदकों की हर उपलब्ध जानकारी का सावधानी से मूल्यांकन करें।
भारतीय प्रोफेशनल्स पर असर
H-1B वीजा धारकों में बड़ी संख्या भारतीय प्रोफेशनल्स की है। ऐसे में इस कड़े कदम से भारतीय आवेदकों की चिंता बढ़ सकती है। इससे पहले भी ट्रंप प्रशासन ने सितंबर में नए H-1B आवेदन पर $100,000 (करीब 88 लाख रु.) की एकमुश्त फीस लगा दी थी।
19 देशों पर भी पाबंदी
अमेरिका ने 19 संवेदनशील देशों के नागरिकों के ग्रीन कार्ड, नागरिकता और इमिग्रेशन आवेदनों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह निर्णय वॉशिंगटन डीसी में हुई एक फायरिंग घटना के बाद लिया गया, जिसमें अमेरिकी आर्मी स्पेशलिस्ट सारा बेकस्ट्रॉम की मौत हो गई और एयर फोर्स सार्जेंट एंड्रयू वोल्फ गंभीर रूप से घायल हुए थे।
हमले का आरोपी लाकनवाल, एक अफगान नागरिक है, जो 2021 में ‘ऑपरेशन एलाइस वेलकम’ कार्यक्रम के तहत अमेरिका पहुंचा था।
अमेरिकी सरकार का कहना है कि वह किसी भी तरह के सुरक्षा खतरे को रोकने के लिए अब और अधिक सतर्क रहना चाहती है, इसलिए वीजा और इमिग्रेशन नीतियों को लगातार कठोर बनाया जा रहा है।



