नरसिंहपुर 2019 एनकाउंटर मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। मध्य प्रदेश सरकार ने इस विवादित मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह निर्णय गृह विभाग की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से जारी किया गया।
2019 के नरसिंहपुर एनकाउंटर की पृष्ठभूमि
नरसिंहपुर 2019 एनकाउंटर मामले में 19 अगस्त 2019 को मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र के कुमरोडा गांव के पास पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में जबलपुर के दो मोस्ट वांटेड अपराधी, विजय यादव और समीर खान, मारे गए थे।
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ये दोनों आरोपी 2017 में हुए कांग्रेस नेता राजू मिश्रा और कक्कू पंजाबी हत्याकांड मामले में वांछित थे। इस कारण यह एनकाउंटर काफी चर्चित रहा था।
परिजनों ने उठाए थे फर्जी एनकाउंटर के आरोप
मुठभेड़ के तुरंत बाद मृतकों के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए सीबीआई से जांच की मांग की। उनका तर्क था कि यह मुठभेड़ साजिश के तहत की गई और इसमें कई अनियमितताएं थीं।
इस आरोप ने मामले को राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील बना दिया। इस विवाद ने जांच एजेंसियों की भूमिका और पुलिस के दुरुपयोग पर भी सवाल खड़े कर दिए।
मध्य प्रदेश सरकार ने की थी सीबीआई जांच की अनुशंसा
विवाद और शिकायतों के चलते मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2021 में इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की थी। सरकार का मानना था कि केंद्रीय जांच एजेंसी जांच में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित कर सकती है।
इस अनुशंसा के बाद लंबी प्रक्रिया के बाद अब आधिकारिक मंजूरी मिली है, जिससे जांच औपचारिक रूप से सीबीआई को सौंपी जाएगी।
सीबीआई जांच से क्या उम्मीद है
सीबीआई जांच से इस मामले में तथ्यात्मक और निष्पक्ष जांच हो सकेगी। इससे पुलिस की कार्रवाई की वैधता और मुठभेड़ के वास्तविक कारणों का पता चलेगा।
इसके अलावा, इस जांच से फर्जी एनकाउंटर जैसी घटनाओं को रोकने में भी मदद मिल सकती है। आम जनता के बीच पुलिस और जांच एजेंसियों पर विश्वास बढ़ने की संभावना है।
राज्य सरकार की मंजूरी और राजपत्र अधिसूचना
4 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की आधिकारिक मंजूरी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से दी। यह अधिसूचना राज्य सरकार की सहमति का कानूनी दस्तावेज है।
यह कदम उस अनुशंसा को अंतिम रूप देता है जो पहले ही सरकार ने दे चुकी थी, और अब जांच एजेंसी को आवश्यक अधिकार और जिम्मेदारी मिल चुकी है।
आगे क्या होगा और आम आदमी पर असर
आगे सीबीआई मामले की गहन जांच करेगी और सभी तथ्य उजागर करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई संभव है।
इस फैसले से आम लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी और पुलिस व प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। यह घटना जांच और न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता का उदाहरण बनेगी।



