ग्रेटर नोएडा में 10.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक ऑफिस असिस्टेंट समेत दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इस वित्तीय धोखाधड़ी मामले में बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी और निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया है।
PNB बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी की गिरफ्तारी
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 3 नवंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा के पाई सेक्टर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से ऑफिस असिस्टेंट दीपांशी और उसके सहयोगी आशुतोष कुमार पाठक को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों ने बैंक के खाताधारकों के बचत और एफडी खातों से लगभग 10.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
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CBI की जांच में पता चला कि यह फर्जीवाड़ा पिछले तीन वर्षों से जारी था। बैंक ने 23 अक्टूबर 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर 29 अक्टूबर को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की।

धोखाधड़ी का तरीका और बैंक की सहमति
पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत में बताया गया कि दीपांशी ने बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) में अनधिकृत ट्रांजैक्शन किए। इस प्रक्रिया से खाताधारकों के खातों से पैसे निकाले गए और अन्य खातों में ट्रांसफर किए गए।
जब शाखा प्रबंधक ने संदिग्ध ट्रांजैक्शन के बारे में दीपांशी से पूछा, तो उसने इस तथ्य को स्वीकार किया कि यह कार्य आशुतोष पाठक की जानकारी में हुआ। बैंक की आंतरिक जांच ने इस धोखाधड़ी को पुष्ट किया।
धोखाधड़ी की राशि और बैंक शाखा का स्थान
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खातों से कुल 10.24 करोड़ रुपये अनधिकृत रूप से निकाले गए।
इस धनराशि की रकम बड़ी होने के कारण वित्तीय सुरक्षा और बैंकिंग नियंत्रण की समीक्षा की आवश्यकता सामने आई है। बैंक इस मामले की जांच जारी रखे हुए है ताकि धोखाधड़ी की वास्तविक सीमा का पता लगाया जा सके।
सीबीआई की कानूनी कार्रवाई और आरोप
सीबीआई ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में दीपांशी, आशुतोष पाठक और अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
पुणे से गिरफ्तार आशुतोष पाठक को मुंबई लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड भी हासिल किया गया है। सीबीआई इस घोटाले के अन्य पहलुओं और शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
ग्राहकों की शिकायत से खुला धोखाधड़ी का मामला
यह धोखाधड़ी एक महिला खाताधारक की शिकायत के बाद उजागर हुई, जिसने 16 सितंबर 2026 को शाखा प्रबंधक से तीन संदिग्ध डेबिट ट्रांजैक्शन की जानकारी दी। इस शिकायत के आधार पर बैंक ने आंतरिक जांच शुरू की, जिसमें धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।
ग्राहकों के लिए यह मामला वित्तीय सुरक्षा और भरोसे के लिहाज से चिंताजनक है। बैंक ने प्रभावित खाताधारकों को नुकसान की भरपाई करने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
ग्रेटर नोएडा में बैंक धोखाधड़ी का प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस धोखाधड़ी से ग्रेटर नोएडा के बैंक ग्राहकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। बैंकिंग प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठे हैं। इस मामले की जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संभावना है।
सीबीआई ने इस मामले की जांच तेज कर दी है और अन्य संभावित संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। आम लोगों के लिए यह एक चेतावनी है कि वे अपने बैंक खातों और लेनदेन पर सतर्क रहें।



