महादेव ऐप मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाकर हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एक विशेष टीम ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से 1 नवंबर 2026 को की है। सौरभ चंद्राकर इस मामले में मुख्य संदिग्ध हैं और उनके प्रत्यर्पण ने इस लंबित जांच में महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया है।
महादेव ऐप मनी लॉन्ड्रिंग केस में सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी
CBI ने ओमान के मस्कट से सौरभ चंद्राकर को प्रत्यर्पित कर भारत लाया है। जून 2026 में इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर उन्हें रॉयल ओमान पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रत्यर्पण के बाद उनकी मेडिकल जांच कराई जाएगी। इसके बाद, उन्हें रायपुर स्थित CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
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यह कदम देश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ चल रही जांचों में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

₹6,000 करोड़ के अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट का खुलासा
महादेव ऐप मनी लॉन्ड्रिंग केस में सामने आया है कि लगभग ₹6,000 करोड़ का अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित किया गया था। इस नेटवर्क के तहत क्रिकेट, फुटबॉल और कार्ड गेम्स पर फ्रेंचाइज्ड पैनल और ब्रांच मॉडल के जरिए सट्टा लगाया जाता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह सिंडिकेट मुख्य रूप से विदेशों से संचालित था और धन को फर्जी बैंक खातों और हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेश भेजा जाता था।
सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने 2018 में शुरू किया था नेटवर्क
सौरभ चंद्राकर, जो छत्तीसगढ़ के भिलाई के निवासी हैं, ने अपने सहयोगी रवि उप्पल के साथ मिलकर 2018 में महादेव ऐप के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क की शुरुआत की थी। वर्ष 2017 तक चंद्राकर भिलाई में एक जूस की दुकान चलाते थे।
इसके बाद दोनों ने यह नेटवर्क दुबई और ओमान से चलाना शुरू किया। रवि उप्पल फिलहाल फरार हैं और उनकी लोकेशन स्पष्ट नहीं है।

सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की संयुक्त कार्रवाई
इस मामले में सीबीआई ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं जिसमें सौरभ चंद्राकर मुख्य आरोपी हैं। चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए अलग से अभियोजन शिकायत दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
सीबीआई और ED की संयुक्त कार्रवाई से इस अवैध नेटवर्क के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया में मजबूती आई है।
ओमान से प्रत्यर्पण प्रक्रिया और न्यायिक कार्यवाही
ओमान में सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद भारत द्वारा प्रत्यर्पण के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। प्रत्यर्पण के बाद उनकी मेडिकल जांच कराई जाएगी और ट्रांजिट रिमांड मिलने पर उन्हें रायपुर लाया जाएगा।
रायपुर की CBI विशेष अदालत में सौरभ चंद्राकर को पेश कर मामले की सुनवाई शुरू की जाएगी। यह सुनवाई अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में निर्णायक साबित होगी।



