इंदौर। आज इंदौर के सुभाष नगर चौराहे से पाटनीपुरा चौराहे तक भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली निकाली। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि 11 बजे रैली निकल जाएगी। इसमें सीएम डॉ.मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया शामिल होने वाले थे। प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पहुंच गए थे, लेकिन सीएम को देर हो गई। इसके बाद मंत्रीजी का पारा चढ़ गया और वे जल्दी-जल्दी रैली को रवाना करने में जुट गए।
नेताओं ने दो मिनट रुकने को कहा, नहीं माने
जब विजयवर्गीय मंच से रैली को रवाना करने लगे तो नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उनसे दो मिनट रुकने को कहा। नेताओं ने मंत्रीजी को बताया कि सीएम पहुंचने वाले हैं, लेकिन वे नहीं माने और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी से कहा कि वे सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ बड़े वाले बैनर के साथ रवाना हो जाएं।
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सीएम को पहुंचने से पहले ही कर दिया रवाना
मंत्री विजयवर्गीय सिख समाज के साथ ही संत समाज, बृहन्नला समाज को रवाना कर चुके थे। मंत्रीजी मंच से चिल्लाते रहे कि अब रैली नहीं रुकेगी। हमें दस मिनट में पाटनीपुरा पहुंचना है। इसी बीच करीब 12 बजे सीएम वहां पहुंच गए।
‘मुख्यमंत्री’ मनसुख भाई से इजाजत ले ली है
जब अधिकांश नेता मंत्री जी से कहने लगे कि थोड़ी देर रुक जाते हैं तो उन्होंने कहा कि रैली अब नहीं रुकेगी। इसी बीच मंत्री जी के मुंह से निक गया कि उन्होंने मुख्यमंत्री मनसुख भाई से रैली निकालने की इजाजत ले ली है यानी मंत्रीजी केंद्रीय मंत्री को सीएम बोल गए या फिर सीएम का नाम लेते-लेते मनसुख जी का नाम ले लिया।
भीड़ ने जुटने की भिजवाई थी सूचना
भाजपा व प्रशासन के सूत्र बताते हैं कि इस रैली में आने के लिए सीएम तैयार बैठे थे, लेकिन मंत्री विजयवर्गीय ने ही सूचना भिजवाई की अभी भीड़ नहीं जुटी है। इसके बाद सीएम इंतजार करने लगे। आयोजन स्थल से हरी झंडी मिलते ही सीएम रवाना हो गए, लेकिन विजयवर्गीय सीएम को देरी के लिए दोषी ठहराने क लिए रैली रवाना करने लगे।
घोटाले का पोस्टर देख भड़क गए मंत्री
इस कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय संबोधित कर रहे थे इसी दौरान सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद पांडे हाथ में एक पोस्टर लिए नजर आए। इसमें लिखा था-रुपए 30 हजार का बल्ब, रुपए 33 हजार रुपए लीटर फिनाइल-जवाब दो। यह पोस्टर देखते ही विजयवर्गीय भड़क गए और मंच से कहा कि जहां जवाब देना है, हम दे देंगे। इनको यहां से ले जाओ नहीं तो लोग जवाब दे देंगे फ्री फंड में। फिर उन्होंने मंच से कहा कि कोई पुलिस अधिकारी हो तो इनको ले जाओ। फिर पुलिसकर्मी आए और उन्हें पकड़ कर ले गए।
सिंधी समाज और मौर्य समाज के नेताओं पर निशाना
इससे पहले विजयवर्गीय सिंधी समाज के नेताओं पर निशाना साध रहे थे। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज के नेता तो यहां दिख रहे हैं, लेकिन सिंधी समाज नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद उन्होंने मौर्य समाज के नेताओं पर भी निशाना साधा।
विद्यार्थियों के लिए आदेश हुआ था जारी
मंत्री जी ने रैली के लिए सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त अशासकीय कॉलेजों के स्टूडेंट्स को रैली में शामिल होने के लिए बुलवाया था। इसके लिए 8 अक्टूबर को जाल सभागृह में प्राचार्यों की एक बैठक हुई थी। इसमें रैली में शामिल होने का फैसला लिया गया था। बाद में इसी बैठक के फैसले के आधार पर एक आदेश जारी कर इस रैली में शामिल होने वाले शिक्षकों तथा विद्यार्थियों की सूची बुलवाई गई थी। यह पत्र माता जीजाबाई शासकीय (स्वशासी) स्नातकोत्तर कन्या अग्रणी महाविद्यालय, मोती तबेला के प्राचार्य ने एक पत्र जारी किया था।



