अमेठी के शरद पूर्णिमा मेले में खस्ता खाने से 17 लोग बीमार पड़ गए। इस घटना में कुल 102 लोगों की जांच की गई, जिनमें 39 बच्चे और 63 वयस्क शामिल हैं।
शरद पूर्णिमा मेले में खस्ता खाने से लोग बीमार पड़े
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की तिलोई तहसील के मोहनगंज थाना क्षेत्र स्थित कोटवा गांव में शरद पूर्णिमा के मौके पर आयोजित मेले में खस्ता खाने के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए। उल्टी और दस्त की शिकायत आने पर ग्राम प्रधान ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और प्रभावित लोगों की जांच शुरू की।
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स्वास्थ्य विभाग की जांच में 102 लोग प्रभावित
स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जांच में कुल 102 लोग बीमार पाए गए। इसमें 39 बच्चे और 63 वयस्क शामिल थे। 17 लोगों की हालत गंभीर देख उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज तिलोई में भर्ती किया गया। इनमें 10 बच्चे और 7 वयस्क थे। सभी भर्ती मरीजों का उपचार चल रहा है और उनकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की तत्काल कार्रवाई और मेडिकल कॉलेज में भर्ती
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया और घर-घर जाकर मरीजों की जांच की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने मौके का निरीक्षण किया और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज तिलोई भेजा गया। बाकी प्रभावित लोगों को दवाएं दी गईं और उन्हें खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

फूड पॉइजनिंग के कारणों की जांच और कानूनी कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि मेले में एक स्टॉल पर बिक रहे खस्ता में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन था। इसके कारण फूड पॉइजनिंग हुई। बिना अनुमति मेला लगाने और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर चाट दुकानदार राजकुमार के खिलाफ वाद दायर किया गया है। खाद्य सामग्री के नमूनों की जांच और तेल सप्लायर की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
गांव में स्वास्थ्य निगरानी और आगे की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में लगातार निगरानी बढ़ा दी है। प्रभावित लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी नए मामले का तुरंत उपचार किया जा सके। विभाग ने ग्रामीणों को स्वच्छता और सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूक किया है। इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन न होने पर किस प्रकार बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते हैं।
शरद पूर्णिमा मेले में खाद्य सुरक्षा का महत्व
शरद पूर्णिमा जैसा त्योहार स्थानीय लोगों के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। ऐसे आयोजनों में खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि इस तरह की घटनाएं न हों। अधिकारियों का कहना है कि आगे से मेले के आयोजन में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और अनुमति के बिना स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे। इससे ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।



