इंदौर हाई कोर्ट ने मेट्रो कॉर्पोरेशन को 2500 पेड़ लगाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 22 अक्टूबर 2026 को एसपी कार्यालय परिसर के भूमिगत मेट्रो स्टेशन निर्माण से जुड़े मामले में जारी किया। कोर्ट ने इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों के आवास की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
इंदौर हाई कोर्ट ने मेट्रो कॉर्पोरेशन को 2500 पेड़ लगाने का आदेश
इंदौर हाई कोर्ट ने मेट्रो कॉर्पोरेशन को 182 पेड़ों की कटाई के एवज में 2500 पौधे लगाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने यह निर्णय प्रियांशु जैन की जनहित याचिका संख्या 954/2026 के तहत सुनवाई के बाद लिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और पक्षियों के प्राकृतिक आवास को पुनः स्थापित करने के लिए जरूरी है।
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पेड़ों की कटाई से प्रभावित पक्षियों के लिए संरक्षण
एसपी कार्यालय परिसर में भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण के कारण पक्षियों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हुए। कोर्ट ने कहा कि मेट्रो परियोजना के तहत लगाए जाने वाले पेड़ आसपास के क्षेत्र में ही उसी प्रजाति के होने चाहिए। इससे पक्षियों को पुनः सुरक्षित आश्रय मिलेगा। यह कदम पक्षी संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।
मेट्रो कॉर्पोरेशन को प्रगति रिपोर्ट जमा करनी होगी
हाई कोर्ट ने मेट्रो अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 2500 पेड़ लगाने और उनकी देखभाल की स्थिति पर एक वर्ष के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके बाद हर साल रक्षा और स्थिति की रिपोर्ट कोर्ट को देनी होगी। यह प्रक्रिया पर्यावरणीय निगरानी को सुनिश्चित करेगी।
पेड़ों की कटाई पर पक्षी विशेषज्ञों की देखरेख जरूरी
कोर्ट ने पेड़ों की कटाई या छंटाई को नियंत्रित रखने के लिए कम से कम दो पक्षी विशेषज्ञों की सलाह और देखरेख अनिवार्य कर दी है। इसके अलावा, पदमश्री से सम्मानित पर्यावरणविद भालचंद्र मोंढे को पक्षी विशेषज्ञों के नाम सुझाने की अनुमति मिली है। प्रत्येक विशेषज्ञ को प्रति सेवा 10,000 रुपये भुगतान भी निर्धारित किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए कोर्ट का सख्त रुख
इंदौर हाई कोर्ट ने इस आदेश के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी है। कोर्ट का यह निर्देश मेट्रो परियोजना जैसी विकास योजनाओं में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य में पक्षियों के आवास सुरक्षित रहेंगे और शहर में हरियाली बढ़ेगी।
आगे की प्रक्रिया और प्रभाव
अब मेट्रो कॉर्पोरेशन को कोर्ट के आदेशानुसार पेड़ लगाने होंगे और उनकी देखभाल करनी होगी। यह आदेश आम जनता के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शहर का पर्यावरण बेहतर होगा और पक्षी संरक्षण सुनिश्चित होगा। कोर्ट की निगरानी से पेड़ लगाने की प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।



