कॉकरोच जनता पार्टी का दावा है कि देश भर में 10,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। यह आरोप 8 अक्टूबर 2026 को सामने आया, जब पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले पुलिस द्वारा अपने सदस्यों की गिरफ्तारी का खुलासा किया।
कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की हिरासत का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने बताया कि उनके कम से कम 10,000 कार्यकर्ताओं को डिटेन किया गया है। पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर राजस्थान पुलिस द्वारा राष्ट्रीय संगठन सह-प्रभारी दीपक बालियान को उनके घर से हिरासत में लिए जाने की बात कही। वहीं पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर पूछा, चुनाव आयुक्त हमसे मिल क्यों नहीं रहे?
- सीईसी ज्ञानेश के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल, 6 अक्टूबर को दिल्ली में मार्च
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हमने मॉडिफाइड फॉर्म-6 को मंजूरी नहीं दी, SIR विवाद बढ़ा
- इंदौर जिले में एसआईआर में 4.47 लाख नाम हटाए गए, बीएलओ करेंगे संपर्क
- मताधिकार से वंचित करना अनुच्छेद 14 और 326 का उल्लंघन: जस्टिस उज्जवल भुइयां
- उत्तराखंड: अंतिम मतदाता सूची में 9.31 लाख वोटर बाहर, विशेष अभियान शुरू
इसके अलावा, CJP ने आरोप लगाया कि पुणे से दिल्ली की ओर आ रहे छात्रों के एक समूह को भी गिरफ्तार कर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।

मतदाता सूचियों के SIR विवाद ने बढ़ाई तनाव की स्थिति
इस पूरे विवाद की जड़ मतदाता सूचियों के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया में है। CJP का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत लाखों युवाओं सहित कई मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। पार्टी इसे लोकतंत्र के लिए खतरा मानती है।
इस कारण से कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की जाएगी।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ‘‘कॉकरोच, अपना बैग पैक करो’’ के नारे के साथ 10 अक्टूबर के प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया है।
इस प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने भी अपना आधिकारिक समर्थन दिया है। BKU के नेता राकेश टिकैत ने CJP के आंदोलन को मजबूती प्रदान करने की बात कही है।

बेंगलुरु में जनता न्यायालय प्रदर्शन की भी चर्चा
8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में CJP ने ‘‘जनता न्यायालय’’ नामक प्रदर्शन का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में हजारों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था और मतदाता सूची बदलाव के खिलाफ अपने विरोध स्वरूप आवाज उठाई थी।
यह प्रदर्शन देश के कई हिस्सों में बढ़ रहे तनावों का संकेत माना जा रहा है। CJP ने इसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी बताया है।
कॉकरोच जनता पार्टी का गठन और उद्देश्य
कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना 16 मई 2026 को राजनीतिक रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने की थी। यह एक युवा-आधारित व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है। इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत के ‘‘कॉकरोच’’ टिप्पणी के विरोध में हुई थी।
पार्टी का उद्देश्य युवाओं को राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल कर लोकतंत्र को मजबूत बनाना और भ्रष्टाचार तथा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना है।
हिरासत की खबरों के बीच ‘‘आपातकाल’’ जैसी स्थिति का आरोप
CJP के को-कन्वीनर सौरव दास ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया कि हिरासत की ये घटनाएं भारत में ‘‘आपातकाल’’ जैसी स्थिति का संकेत हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की नींव खतरे में है और सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए।
हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है।



