Kullu Mid Day Meal News: बिहार के नालंदा के बाद अब हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से स्कूल में बच्चों की सेहत से जुड़ा चिंताजनक मामला सामने आया है। पतलीकूहल के बाड़ी प्राइमरी स्कूल में मंगलवार को मिड-डे मील में परोसी गई खीर खाने के बाद करीब 47 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद स्कूल और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बताया गया कि खीर खाने के कुछ देर बाद कई बच्चों को उल्टियां होने लगीं। इसके बाद प्रभावित बच्चों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पतलीकूहल ले जाया गया।
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44 बच्चों को अस्पताल से छुट्टी
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के मुताबिक, बीमार हुए 47 बच्चों में से 44 बच्चों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि तीन बच्चों का इलाज अभी जारी है। बच्चों की स्थिति पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है।
घटना के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पानी की स्वच्छता पर उठे सवाल
प्रारंभिक रिपोर्ट में बच्चों के बीमार पड़ने के पीछे पीने के पानी की स्वच्छता में कमी की संभावना जताई गई है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले बीमारी की निश्चित वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूलों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पहले से RO सिस्टम की व्यवस्था की गई है। उन्होंने अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को पेयजल व्यवस्था की नियमित जांच करने तथा जरूरत पड़ने पर पानी को उबालकर इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही Mid Day Meal की तैयारी, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
यह घटना एक बार फिर स्कूलों में Food Safety, Clean Drinking Water और Mid Day Meal Quality की नियमित निगरानी की जरूरत को सामने लाती है।
बड़ा सवाल
क्या स्कूलों में मिड-डे मील और पीने के पानी की रोजाना जांच अनिवार्य होनी चाहिए? आखिर 47 बच्चों के बीमार पड़ने की असली वजह क्या थी?
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