नई दिल्ली। नीट यूजी पेपर लीक मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार ने बताया कि NEET परीक्षा के लिए बना सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित (फूलप्रूफ) है और इसमें सेंध लगाना मुश्किल है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा-यूपीएससी से सीखिए।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर छात्रों तक पहुंचाने में गोपनीयता को लेकर कितनी सावधानी बरती जाती है। मेहता ने कहा कि NEET के प्रश्न-पत्र ले जाने वाली गाड़ियों में GPS लगा है, छोटी-सी हरकत भी रिकॉर्ड होती है। कई मॉडरेटर से प्रश्न बैंक तैयार करने को कहा गया है, उन्हें नहीं पता कि कौन-से सवाल प्रश्न-पत्र का हिस्सा बनेंगे।
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एनटीए को यूपीएससी जैसा करना होगा
इसपर जज ने कहा कि आप जो बता रहे हैं, उन सब बातों की राधाकृष्णन कमेटी समीक्षा कर चुकी है। कमेटी ने संस्थागत समस्याओं की बात कही थी। हम चाहते हैं कि दूरगामी समाधान हो। कोर्ट ने कहा कि आप यूपीएससी को देखिए। परीक्षा बिना समस्या के आयोजित हो रही है। NTA को भी ऐसा करना होगा। विशेषज्ञ अधिकारी नियुक्त कीजिए जो बदलती तकनीक को समझते हों।कोर्ट ने केंद्र से नया हलफनामा दाखिल करने को कहा। अब 3 सप्ताह के बाद अगली सुनवाई होगी।
संस्थागत सुधार पर मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था में सिर्फ कागजी दावों के बजाय मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करने पर जोर दिया। सुनवाई के दौरान केंद्र ने अदालत को बताया कि प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसके परिवहन और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू हैं। इसके बावजूद कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि केवल नियम-कायदे और दस्तावेज पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि ऐसी व्यवस्था चाहिए जो व्यवहार में भी पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों को रोक सके।
ऑनलाइन परीक्षा कराने का मुद्दा भी अहम
NEET को पेन-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT में बदलने का मुद्दा भी इस पूरी बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा है। केंद्र सरकार पहले ही सुप्रीम कोर्ट को बता चुकी है कि NEET को कंप्यूटर आधारित बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन है और इस पर अंतिम फैसला नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड टास्क फोर्स की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा। जुलाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि NEET को पूरी तरह ऑनलाइन मोड में ले जाने की दिशा में सरकार क्या तैयारी कर रही है और ऐसी स्थिति में परीक्षा से जुड़े डेटा की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया था कि परीक्षा व्यवस्था में गलतियों का सिलसिला जारी नहीं रह सकता।
NTA और परीक्षा सुधारों पर भी नजर
सुप्रीम कोर्ट ने NEET व्यवस्था में व्यापक संस्थागत सुधारों की जरूरत पर जोर दिया है। केंद्र की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में किए जा रहे बदलावों और सुरक्षा उपायों का ब्योरा अदालत के सामने रखा जा रहा है। साथ ही, NTA को पहले की विशेषज्ञ समितियों की सिफारिशों के आधार पर उठाए गए कदमों की जानकारी देने का मुद्दा भी सामने आया है।



