नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में बुधवार को ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ लंबी चर्चा के बाद पास हो गया। स्पीकर ओम बिरला ने ध्वनि मति से इस बिल पर वोटिंग कराई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब दिया।
नेता प्रतिपक्ष को नियमों की जानकारी नहीं
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर पेलेट गन चलाई गई थी। सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी से उनके बयान का ऑर्डर दिखाने नहीं तो माफी की मांग उठाई। इसे लेकर लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। इसके बाद 3 बजे जब सदन कार्यवाही शुरू हुई तो केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुझे हैरत है कि नेता प्रतिपक्ष को बुनियादी संसदीय नियमों की जानकारी नहीं है।
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गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं देता
राहुल गांधी के आरोपों को लेकर जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को यह पता होना चाहिए कि गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं, मजिस्ट्रेट देता है। हालांकि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई ही नहीं गई थी, सिर्फ आंसू गैस के गोले दागे गए थे। जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी का बयान बेतुका है। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई खुद को भी इडियट कहना चाहे, तो नहीं कह सकता।
विपक्ष के आचरण को निराशाजनक बताया
जितेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे पहले विपक्ष का आचरण बेहद निराशाजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाले इतने गंभीर और महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष राजनीति कर रहा है। विपक्ष के नेता ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह न केवल असंसदीय थी, बल्कि इतनी अनुचित थी कि मैं उसे दोहराना भी नहीं चाहूंगा। यदि कोई खुद को शिक्षित और संसदीय परंपराओं से परिचित मानता है, तो उसे पता होना चाहिए कि सदन के भीतर ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया जा सकता।
पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन पर भी निशाना
जितेंद्र सिंह ने कहा कि 21 जुलाई को विपक्ष के नेता शायद किसी विशेष सोच के कारण प्रधानमंत्री के आवास 7 एलकेएम के बाहर जाकर बैठ गए। ऐसा लगा मानो उनकी गहरी इच्छा थी कि देश उन्हें चुने और 7 एलकेएम में बैठाए। जब यह इच्छा पूरी नहीं हुई तो वे निराश और हताश होकर वहां के गेट पर जाकर बैठ गए। जब उन्हें विनम्रता से समझाया गया कि ऐसा व्यवहार उनके पद और कद के अनुरूप नहीं है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें बस वहां से हटा दिया जाए।
युवाओं को मूर्ख कहना दुर्भाग्यपूर्ण
जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता की ओर से देश के युवाओं को इडियट कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस देश के युवाओं को, जो देश का भविष्य हैं, ‘मूर्ख’ कहना इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है। मुझे आश्चर्य होता है कि क्या उन्हें संसदीय कार्यवाही के बुनियादी नियमों और मर्यादाओं की भी जानकारी है।



