नई दिल्ली। लोकसभा में आज परीक्षा संसोधन विधेयक पर चर्चा चल रही है। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चर्चा करते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर, प्रधान को बचा लिया गया।
अखिलेश ने युवाओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वह इसे काफी समय से दूर से देख रहे थे। उन्होंने कहा कि झुकाने वाला चाहिए, सरकार झुकती है। उन्होंने बिना नाम लिए एक मंत्री के लौटने और उनके स्वागत का भी जिक्र किया और कहा कि उससे उन्हें कोई परेशानी नहीं है। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक प्रधान को हटाकर एक प्रधान को बचा लिया।
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युवाओं की सभी मांगें स्वीकार करे सरकार
अखिलेश ने कहा कि यूपी जैसे स्टेट में पेपर लीक हो रहा है, जहां से प्रधानमंत्री चुन कर आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि बीजेपी वचन नहीं, बल्कि जुमले देती है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार युवाओं की सभी मांगों को स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा कि जो आंदोलन शुरुआत में मजाक लग रहा था, वह इतना गंभीर हो गया कि सरकार को धरने की अनुमति देनी पड़ी।
जो चढ़ावा नहीं बचा पाए, वे पेपर लीक क्या बचाएंगे
अखिलेश ने दावा किया कि यह पहला ऐसा आंदोलन था जिसमें युवाओं के साथ उनके माता-पिता भी खुलकर जुड़े और उन्हें आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कहा कि जो लोग चढ़ावा नहीं बचा पाए, वे पेपर लीक क्या बचाएंगे, किसकी आंखों में धूल झोंक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक 20 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।
सरकार पूरे शासन को ही आउटसोर्स न कर दे
अखिलेश ने सरकार पर आउटसोर्सिंग को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को डर है कि कहीं सरकार पूरे शासन को ही आउटसोर्स न कर दे। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) तक को आउटसोर्स किया गया है तो आखिर इसकी जवाबदेही किसकी है। उन्होंने कहा कि आखिरकार जवाबदेही किसकी थी? उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार आने के बाद से ही शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और सरकार की नीतियों के चलते पूरी व्यवस्था ध्वस्त होती जा रही है।



