इंदौर। अपना इंदौर नगर निगम भी गजब है। शहर में बेसमेंट खाली कराने का अभियान सालों से चल रहा है। इसके बावजूद निगम अफसरों के सामने ही नई बिल्डिंगों के बेसमेंट में दुकानें सजती जा रही हैं। अब जेल रोड पर नेताओं के साथ मिलकर निगम ने नया ही खेल शुरू कर दिया है। यहां छोटे भवनों के बेसमेंट की दुकानें बंद करा दी गई हैं, जबकि बड़ी बिल्डिंगों पर निगम की नजर नहीं पड़ रही।
जेल रोड के व्यापारियों ने बताया कि चार दिन पहले नगर निगम ने नॉवेल्टी मार्केट के पीछे लोधी मोहल्ले की छोटी बिल्डिगों के बेसमेंट में स्थित दुकानें बंद करा दीं। कई दुकानों पर तो दरवाजे तक नहीं थे। अब निगम कह रहा है कि जब तक पूरे डॉक्यूमेट नहीं दिखाओगे तब तक दुकानें नहीं खुलने देंगे। जब व्यापारियों ने पूछा कि मेन रोड पर सारी बड़ी बिल्डिगों के बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं, तब जवाब मिला कि उन्हें बाद में देखेंगे।
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सभी दुकानदारों के पास रजिस्ट्री, टैक्स भी देते हैं
ताज्जुब की बात है कि सभी दुकानदारों के पास दुकानों की रजिस्ट्री है। वे पिछले 25-30 सालों से निगम को संपत्ति कर भी देते हैं। क्या संपत्ति कर वसूलते समय निगम को पता नहीं चला कि ये दुकानें अवैध हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने बिल्डरों से दुकानें खरीदी हैं, अगर ये अवैध थीं तो निगम ने उसी समय क्यों नहीं तोड़ने की कार्रवाई की। कई दुकानदारों ने इस पर लोन भी ले रखा है।
मेन रोड की बड़ी बिल्डिंगों पर मौन
जेल रोड के मुख्य मार्ग पर एक लाइन से डॉलर मार्केट, लक्ष्मी मार्केट, नॉवेल्टी, न्यू नॉवेल्टी, गोल्ड मार्केट, रोज मार्केट, सूर्या सेंटर जैसी बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें हैं, लेकिन इनकी ओर निगम नहीं देखता। इन सारी बिल्डिगों के बेसमेंट में एक साइकिल तक नहीं ले जाई जा सकती। सब में बड़ी-बड़ी दुकानें संचालित हो रही हैं।
सबसे बड़ी मार्केट तो एक भाजपा नेता की
जेल रोड पर सबसे प्रसिद्ध और सबसे बड़ी एक मार्केट तो भाजपा नेता की है। मंत्री समर्थक इस भाजपा नेता की बिल्डिंग की ओर नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की कभी नजर नहीं पड़ती। इसी भाजपा नेता की शह पर अन्य बिल्डिगों के बेसमेंट भी दुकानों से सजे हुए हैं।
विधायक के लोगों ने शुरू कर दी सौदेबाजी
सूत्र बताते हैं कि व्यापारियों से क्षेत्रीय विधायक गोलू शुक्ला के लोगों ने संपर्क करना शुरू कर दिया है। उनसे कहा जा रहा है कि विधायक जी के पास आ जाओ, कोई रास्ता निकाल लेंगे। कुछ व्यापारियों ने कहा कि विधायकजी के पास जाने का मतलब है जेब ढील करना। ऐसे में दुकानदार वहां जाने से डर भी रहे हैं। उनका कहना है कि एक बार अगर खाता चालू हो गया तो बंद नहीं होगा।
जोन पर भटकते रहे दुकानदार
व्यापारियों का कहना है कि दुकानें बंद करने से पहले उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। जोन 3 की बीएलओ पल्ल्वी पाल ने दुकाने सील की हैं, लेकिन वे भी जोन पर नहीं मिल रहीं। जब व्यापारियों ने काफी फोन लगाए तो मैडम ने कहा कि वे भोपाल में हैं।



